गुवाहाटी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा उन्हें ‘राज्य की बेटी’ कहकर संबोधित करने से वह भाव विभोर हो गईं और मुख्यमंत्री ने उन्हें घर जैसा महसूस कराया. मुर्मू ने विभिन्न विकास परियोजनाओं, विशेष रूप से चाय श्रमिकों और महिला सशक्तिकरण के लिए असम सरकार के प्रयासों की सराहना की.
उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद कहा कि केंद्र बुनियादी ढांचे, संपर्क और अन्य सभी क्षेत्रों को बढ़ावा देकर अपना योगदान दे रहा है. राष्ट्रपति ने पदभार ग्रहण करने के बाद असम की अपनी दो दिवसीय पहली यात्रा के समापन दिवस पर कहा, ‘‘कल रात नागरिक अभिनंदन में मुझे ‘राज्य की बेटी’ संबोधित करने के लिए मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहताी हूं. मैं भाव विभोर हो गई हूं. यहां जो स्वागत मिला है, उसने मुझे घर जैसा महसूस कराया है और मैं जल्द ही आऊंगी.’’
राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार शाम को मुर्मू के सम्मान में एक नागरिक स्वागत समारोह की मेजबानी की थी. इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया था कि कैसे ओडिशा सहित देश के विभिन्न हिस्सों के चाय बागान श्रमिक असम में बस गए और इसे अपना घर बना लिया. उन्होंने असम में उनका स्वागत करते हुए कहा था कि इस तरह राष्ट्रपति राज्य की बेटी की तरह हैं.
मुर्मू ने चाय बागान श्रमिकों के विकास के लिए राज्य सरकार की पहल की प्रशंसा की और डिजिटल माध्यम से चाय बागान क्षेत्रों में 100 मॉडल माध्यमिक विद्यालयों की आधारशिला रखी. राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने पहले दिन में विभिन्न चाय बागानों के कुछ कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और जमीनी स्तर पर शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार के उपायों पर संतोष व्यक्त किया.
उन्होंने महिला सशक्तिकरण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनी महिलाओं का सम्मान करने वाला समाज सभ्य माना जाता है और 3000 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों का उल्लेख किया, जिनकी आधारशील रखते हुए उन्होंने उसी दिशा में इसे एक कदम बताया.
मुर्मू ने कहा कि जिन परियोजनाओं का उन्होंने आरंभ किया या आधारशिला रखी, उनसे न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि विश्व स्तर पर भी असम की छवि को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा, ‘‘बुनियादी ढांचा विकास का आधार है. असम केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के केंद्र में है और राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया जा रहा है.’’ मुर्मू ने सभी क्षेत्रों में विकास के लिए संपर्क के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने जो सड़क और रेलवे परियोजनाओं की शुरुआत की, उससे इसे बढ़ावा मिलेगा.
कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने गुवाहाटी-लुमंिडग ट्रेन के शोखुवी (नगालैंड) और मेंदीपाथर (मेघालय) के लिए विस्तारित मार्ग के लिए ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे यह पूर्वोत्तर के दो राज्यों को जोड़ने वाली पहली सीधी ट्रेन सेवा बन गई. उन्होंने लगभग 16.5 किलोमीटर की दूरी पर अगथोरी में दो राजमार्ग परियोजनाओं और आधुनिक कार्गो-सह-कोंिचग र्टिमनल के अलावा, सिलचर के मोइनारबोंड में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के रेल-फेड पेट्रोलियम स्टोरेज डिपो का भी उद्घाटन किया.
राष्ट्रपति ने बृहस्पतिवार को आईआईटी गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से विभिन्न केंद्रीय और राज्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था. वह शाम को बाद में राज्य सरकार द्वारा उनके सम्मान में बुलाए गए एक नागरिक स्वागत समारोह में भी शामिल हुईं. उन्होंने शुक्रवार की सुबह यहां कामाख्या मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की.