तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली. केरल की एक सत्र अदालत ने बलात्कार और हत्या के प्रयास के आरोप का सामना कर रहे कांग्रेस विधायक एल्धोस कुन्नापल्ली को बृहस्पतिवार को अग्रिम जमानत दे दी. विधायक कहां हैं, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. मामले से जुड़े एक अभियोजक ने कहा कि अदालत ने विधायक को विभिन्न शर्तों के अधीन राहत दी. उन्होंने कहा कि विस्तृत आदेश मिलने के बाद ही शर्तों का पता चलेगा.
इस बीच, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख के. सुधाकरन ने कहा कि यह पार्टी के लिए शर्मसार करने वाली बात है, लेकिन वह कुन्नापल्ली के कृत्य या आचरण को सही नहीं ठहरा रही है. सुधाकरन ने राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा प्रारंभिक आकलन यह है कि उनकी गलती है.’’ सुधाकरन ने कहा कि कुन्नापल्ली के वकील के माध्यम से केपीसीसी कार्यालय को स्पष्टीकरण दिया गया था और शुक्रवार को उनके केरल पहुंचने के बाद इसकी जांच की जाएगी. केपीसीसी प्रमुख ने कहा, ‘‘मैं इस पर गौर करूंगा और राज्य के अन्य पार्टी नेताओं के साथ चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा. हम उनके स्पष्टीकरण को देखेंगे.’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी में कोई नहीं जानता कि कांग्रेस विधायक कहां हैं और सभी ने फोन पर कुन्नापल्ली से संपर्क की कोशिश की लेकिन यह व्यर्थ रहा.
कांग्रेस सांसद के. मुरलीधरन ने इस मामले पर अलग राय रखी. उन्होंने कहा कि यह गलत है कि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पार्टी द्वारा विधायक को बचाने का कोई सवाल ही नहीं है. वह उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.’’ साथ ही उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग ऐसे गलत कृत्यों में लिप्त रहे हैं और सभी दलों में ऐसे व्यक्ति हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘यह सही नहीं है और हमें ऐसे लोगों को अलग-थलग करने की जरूरत है.’’ पीड़िता की शिकायत के बाद बलात्कार और हत्या के प्रयास के अलावा कांग्रेस विधायक के खिलाफ मारपीट का भी आरोप लगाया गया है. शिकायत में कहा गया था कि विधायक ने उसका अपहरण किया और उसके साथ मारपीट की. विधायक के निजी सहायक और एक दोस्त सहित तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पीड़िता ने दावा किया कि कुन्नापल्ली ने उसके खिलाफ दर्ज मामले को खत्म करने के लिए उसे 30 लाख रुपये की पेशकश की थी.