मोरबी में पुल का टूटना दुर्घटना नहीं, भाजपा के भ्रष्ट शासन से हुई हत्या है : आप

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 01 Nov 2022 07:29 PM
मोरबी में पुल का टूटना दुर्घटना नहीं, भाजपा के भ्रष्ट शासन से हुई हत्या है : आप
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली/मुंबई. आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि गुजरात के मोरबी में पुल का टूटना महज दुर्घटना नहीं बल्कि राज्य में भाजपा के ‘‘भ्रष्ट’’ शासन द्वारा 130 से ज्यादा निर्दोष लोगों की हत्या है. आप ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से पांच सवाल पूछते हुए कहा कि लोग आगामी विधानसभा चुनावों में उसे वोट नहीं देंगे.

गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर बना केबल पुल रविवार शाम टूट गया था जिससे 134 लोगों की मौत हो गई थी. आप नेता मनीष सिसोदिया ने यहां आप मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह दुर्घटना नहीं है. यह भाजपा के भ्रष्टाचार से लोगों की हत्या है.’’ घटना पर भाजपा से पांच सवाल करते हुए आप के वरिष्ठ नेता ने पूछा कि पुल की मरम्मत और रखरखाव का काम एक घड़ीसाज कंपनी को बिना किसी निविदा के, सबसे उपयुक्त फर्म का चयन किये बगैर क्यों दिया गया था.

सिसोदिया ने कहा, ‘‘इतने बड़े, महत्वपूर्ण और संवेदनशील काम के लिए एक कंपनी को ठेका दिया गया जो घड़ियां बनाती है, और वह भी बिना किसी निविदा के. भाजपा को जवाब देना चाहिए कि कंपनी को काम का ठेका इस तरह से क्यों दिया गया, जिसे इस तरह के काम करने का कोई अनुभव ही नहीं था.’’ उन्होंने भाजपा से पूछा कि क्या जल्दी थी कि पुल पांच महीने में जनता के लिए खोल दिया गया जबकि काम आठ महीने में पूरा किया जाना था.

सिसोदिया ने कहा, ‘‘प्राथमिकी कंपनी के छोटे कर्मचारियों, उसके सुरक्षा गार्डों के खिलाफ दर्ज की गई है, न कि कंपनी और उसके मालिकों के खिलाफ.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को यह खुलासा करना चाहिए कि किसके दबाव में कंपनी और उसके मालिकों के खिलाफ पुल गिरने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई.’’ उन्होंने कहा कि इस हादसे में बच्चों सहित निर्दोष लोगों की जान गई थी.

दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने भाजपा से यह भी बताने को कहा कि घड़ी बनाने वाली कंपनी को काम का ठेका दिए जाने के बाद उसे (भाजपा को) कितना चंदा मिला. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को इन सभी सवालों का जवाब देना चाहिए क्योंकि गुजरात के लोग राज्य में होने वाले (आगामी) विधानसभा चुनाव में इन्हीं सवालों पर मतदान करेंगे.’’

मोरबी पुल हादसे को साजिश कहें या महज हादसा: उद्धव नीत शिवसेना

उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के धड़े ने मंगलवार को कहा कि गुजरात सरकार मोरबी पुल हादसे में लोगों की मौत पर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती. उसने साथ ही सवाल किया कि इस घटना को धोखाधड़ी, साजिश का कृत्य कहा जाना चाहिए या महज हादसा कहना सही होगा? ठाकरे ने अपने दल के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में लिखा, ‘‘जब पश्चिम बंगाल में 2016 में ऐसा ही हादसा हुआ था तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार की आलोचना की थी.’’ मराठी पत्र में मोरबी के झूलते पुल के पुर्निनर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किये गये. इसे हादसे के महज चार दिन पहले जनता के लिए खोला गया था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार रविवार शाम हुए हादसे में 134 लोगों की मौत हो गयी.

‘सामना’ के संपादकीय के अनुसार, ‘‘क्या लोगों की जान वापस आ जाएगी? पुल के रख-रखाव के लिए जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ जांच होनी चाहिए, लेकिन गुजरात सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती.’’ उसने लिखा, ‘‘इस घटना को धोखाधड़ी, साजिश कहा जाना चाहिए या महज दुर्घटना कहना चाहिए?’’ उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के मुताबिक, ‘‘क्या पुल का पुर्निनर्माण कार्य पूरा हो गया था या नहीं? पुल पर क्षमता से अधिक लोग कैसे पहुंच गये. कई सवाल हैं और गुजरात सरकार को प्रत्येक सवाल का जवाब देना होगा. केंद्र भी अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ सकता.’’

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu