विज्ञापनों में मेरी भी फोटो चमक सकती थी लेकिन हम जिंदगी में बदलाव लाने के लिए जीते है: मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 02 Nov 2022 10:31 PM
विज्ञापनों में मेरी भी फोटो चमक सकती थी लेकिन हम जिंदगी में बदलाव लाने के लिए जीते है: मोदी
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन प्रचार प्रसार के लिए विज्ञापनों का सहारा नहीं लिया. मोदी ने साथ ही यह भी कहा कि उनकी सरकार लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने में यकीन रखती है.

राजधानी के झुग्­गी-झोपड़ी वासियों के पुनर्वास के लिए राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके में ‘‘यथास्थान झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास परियोजना’’ के तहत नवनिर्मित 3,024 ईडब्ल्यूएस आवासों का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह बात कही.
लोगों के बैंक खाता खोलने, विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचाने, मु्द्रा, स्वनिधि और गरीब कल्याण सहित कुछ अन्य योजनाओं से लोगों को मिलने वाली सहूलियतों व लाभों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर वह इन सबके लिए विज्ञापन देते तो ना जाने कितने पैसे खर्च होते.

उन्होंने कहा, ‘‘ये जितनी चीजें मैंने गिनाई ना…आप बताइए मुझे कितने रूपयों का विज्ञापन देना चाहिए था… कितने अखबार विज्ञापन से भर जाते… मेरी फोटो चमकती…इतना सारा काम अभी जो मैं गिना रहा हूं…अभी तो बहुत कम गिना रहा हूं, समय बहुत ज्यादा चला जाएगा… क्योंकि हम आपकी जिंदगी में बदलाव लाने के लिए जीते हैं.’’ दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में भूमिहीन कैंप के पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री ने फ्लैट की चाबियां सौंपी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली के सैकड़ों परिवारों के लिए आज का दिन बहुत बड़ा है क्योंकि वर्षों से जो परिवार दिल्ली की झुग्गियों में रह रहे थे, आज उनके लिए एक प्रकार से जीवन की नई शुरुआत होने जा रही है. उन्होंने कहा, ‘‘दशकों तक देश में जो व्यवस्था थी, उसमें यह सोच बन गई थी कि गरीबी केवल गरीब की समस्या है. आज देश में जो सरकार है, वो गरीब की सरकार है. इसलिए वो गरीब को उनके हाल पर नहीं छोड़ सकती. आज देश की नीतियों के केंद्र में गरीब हैं. आज देश के निर्णयों के केंद्र में गरीब हैं. विशेषकर शहर में रहने वाले गरीब भाई-बहनों पर भी हमारी सरकार उतना ही ध्यान दे रही है.’’ मोदी ने कहा कि बहुत ही जल्द यहां रह रहे दूसरे परिवारों को भी ‘‘गृह प्रवेश’’ का मौका मिलेगा.

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास दिल्ली को ‘‘आदर्श शहर’’ बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जो विकास दिखता है, उनकी नींव में गरीबों का पसीना है लेकिन दुर्भाग्य है कि वही लोग बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर होते रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘निर्माण कार्य करने वाला ही पीछे रह जाता है तो निर्माण भी अधूरा ही रह जाता है. इसलिए बीते सात दशकों में हमारे शहर समग्र संतुलित विकास से वंचित रह गए. शहर में जहां एक ओर ऊंची-ऊंची भव्य इमारतें और चमक-दमक होती है, उसी के बगल में झुग्गी झोपड़ियों में बदहाली दिखाई देती रही है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि जब एक ही शहर में इतनी असमानता और इतने भेदभाव हो तो समग्र और संतुलित विकास की कल्पना कैसे की जा सकती है.

उन्होंने कहा, ‘‘आजादी के अमृत काल में हमें इस खाई को पाटना ही होगा.’’ सभी के लिए आवास उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री की दृष्टि के अनुरूप दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा 376 झुग्गी झोपड़ी क्­लस्­टरों में यथास्थान झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास का कार्य किया जा रहा है. इस पुनर्वास परियोजना का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ी क्­लस्­टरों में रहने वालों को उचित सुख-साधनों एवं सुविधाओं से लैस बेहतर और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है.

डीडीए ने कालकाजी एक्सटेंशन, जेलरवाला बाग और कठपुतली कॉलोनी में ऐसी तीन परियोजनाएं शुरू की हैं. कालकाजी एक्सटेंशन परियोजना के अंतर्गत कालकाजी स्थित भूमिहीन कैंप, नवजीवन कैंप और जवाहर कैंप नामक तीन झुग्­गी-झोपड़ी क्­लस्­टरों का यथास्थान पुनर्वास चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है.

परियोजना के पहले चरण के तहत 3,024 फ्लैट निर्मित किए गए हैं. भूमिहीन कैंप के पात्र परिवारों को नवनिर्मित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में पुनर्वासित करके भूमिहीन कैंप की झुग्गी-झोपड़ी वाली जगह को खाली किया जाएगा. भूमिहीन कैंप वाली जगह खाली कराने के बाद, इस जगह का उपयोग दूसरे चरण में नवजीवन कैंप और जवाहर कैंप के पुनर्वास के लिए किया जाएगा.

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