रमेश की यह बात हास्यास्पद है कि मेरा लेख नेहरू के खिलाफ था: कर्ण सिंह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 04 Nov 2022 05:52 PM
रमेश की यह बात हास्यास्पद है कि मेरा लेख नेहरू के खिलाफ था: कर्ण सिंह
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नयी दिल्ली. पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने अपने एक लेख के संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर उन पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह कहना पूरी तरह से हास्यास्पद है कि उनका लेख देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवारलाल नेहरू के खिलाफ था. उन्होंने एक बयान में यह भी कहा कि उनका लेख सिर्फ इसको लेकर था कि भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय की पूरी प्रक्रिया में उनके पिता महाराजा हरि सिंह की क्या भूमिका थी.

कांग्रेस महासचिव रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय में पंडित जवाहरलाल नेहरू की भूमिका पर कानून मंत्री किरेन रीजीजू द्वारा निशाना साधे जाने के बाद नेहरू का बचाव नहीं किया. जम्मू-कश्मीर के पूर्व ‘सद्र-ए-रियासत’ कर्ण सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘मेरे संज्ञान में आया है कि जयराम रमेश ने एक लेख पर बयान देना उचित समझा. उन्होंने दो बातें की हैं जो अस्वीकार्य हैं. उन्होंने यह आरोप लगाया कि मेरा लेख पंडित जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ था. यह पूरी तरह से हास्यास्पद है.’’

उनका कहना है, ‘‘मेरे राजनीति में कदम में रखने के समय से ही पंडित जी मेरे संरक्षक थे और मैं उनका सम्मान करता रहूंगा. इसके विपरीत कोई बात करना आक्रोशित करने वाला कदम होगा.’’ उनके अनुसार, ‘उन्होंने अपने लेख को लेकर स्पष्ट किया था कि पंडित जी खिलाफ किरेन रीजीजू द्वारा लगाए गए कई आरोपों का जवाब देने के लिए वह नहीं है क्योंकि इस पर व्यापक खंडन की जरूरत है जिस पर जयराम रमेश को काम करना चाहिए.’

कर्ण सिंह ने कहा, ‘‘यह लेख इसको लेकर था कि जम्मू-कश्मीर के विलय में मेरे पिता की क्या भूमिका थी. रमेश ने मेरे पिता के संदर्भ में कुछ अनुचित टिप्पणियां कीं. वह बहुत ही चुंिनदा ढंग से इतिहास को पढ़ते हैं. मुझे आशा थी कि मेरे लेख को उसी लहजे में लिया जाएगा जिसमें मैंने इसे लिखा था.’’ रमेश ने सिंह को लेकर टिप्पणी उस वक्त की थी जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व ‘सद्र-ए-रियासत’ ने राज्य के विलय के संदर्भ में एक अंग्रेजी दैनिक में लेख लिखा है. रमेश का कहना था कि इस लेख में कर्ण सिंह ने अपने पिता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व राजा हरि सिंह का बचाव किया है.

कांग्रेस महासचिव ने ट्वीट किया था, ‘‘जम्मू-कश्मीर पर ऐसा कोई विद्वतापूर्ण और गंभीर अध्ययन सामने नहीं आया है जो महाराजा हरि सिंह को अच्छी भूमिका में प्रर्दिशत करे. वीपी मेनन द्वारा किए गए अध्ययन में भी हरि सिंह को ऐसे नहीं पेश किया गया है कि जिनके साथ कुछ गलत हुआ हो. ऐसे में यह स्वाभाविक है कि कर्ण सिंह ने ‘हिदुस्तान टाइम्स’ में उनका बचाव किया है.’’

उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे इससे हैरानी होती है कि डॉक्टर कर्ण सिंह ने नेहरू पर रीजीजू द्वारा निशाना साधे जाने के बाद नेहरू का बचाव नहीं किया. उन्हीं नेहरू के समर्थन के बिना डॉक्टर कर्ण सिंह वह सब हासिल नहीं कर सकते थे जो उन्होंने किया. इसे उन्होंने 2006 में आई अपनी पुस्तक में स्वीकार किया है.’’ रीजीजू ने हाल ही में कहा था कि अनुच्छेद 370 को लागू करना और पाकिस्तान के साथ विवाद को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने की नेहरू की ‘‘गलतियों’’ ने बहुत नुकसान किया, देश के संसाधनों को खत्म कर दिया और आतंकवाद ने सैनिकों और नागरिकों समेत हजारों लोगों की जान ले ली. कांग्रेस ने इसको लेकर दावा किया था कि रीजीजू को इतिहास का ज्ञान नहीं है.

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