सरकार ‘स्पीड’ को भारत की आकांक्षा और ‘स्केल’ को उसकी ताकत मानती है: प्रधानमंत्री मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 11 Nov 2022 06:32 PM
सरकार ‘स्पीड’ को भारत की आकांक्षा और ‘स्केल’ को उसकी ताकत मानती है: प्रधानमंत्री मोदी
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बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भौतिक ढांचे के साथ-साथ सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के विपरीत उनकी सरकार ‘स्पीड (गति)’ को भारत की आकांक्षा और ‘स्केल (पैमाने)’ को भारत की ताकत मानती है. मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत की प्रगति के लिए भौतिक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ देश के सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चाहे वह शासन हो या भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास, भारत एक अलग स्तर पर काम कर रहा है. दुनिया डिजिटल भुगतान प्रणाली में भारत द्वारा की गई प्रगति की प्रशंसा कर रही है, क्या यह आठ साल पहले सोचा जा सकता था?’’ उन्होंने यहां एक विशाल सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले मेड इन इंडिया और 5जी तकनीक सहित ये सभी चीजें कल्पना से परे थीं.

उन्होंने कहा, ‘‘इसका कारण यह है कि तत्कालीन सरकारों की सोच पुरानी थी. पहले की सरकारों का मानना ????था कि ‘स्पीड’ एक विलासिता है और ‘स्केल’ जोखिम, लेकिन हमने धारणा बदल दी, हम ‘स्पीड’ को भारत की आकांक्षा और ‘स्केल’ को भारत की ताकत मानते हैं.’’ प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु के संस्थापक नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने और केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) के र्टिमनल2 का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही.

मोदी ने कहा कि भारत को दुनियाभर में ‘स्टार्टअप’ के लिए पहचाना जाता है और बेंगलुरु इसका लाभ कमा रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘बेंगलुरु स्टार्टअप की भावना का प्रतिनिधित्व करता है.’’ उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर पिछले तीन वर्षों के दौरान, कर्नाटक ने लगभग चार लाख करोड़ रुपये का निवेश आर्किषत किया है और पिछले साल राज्य विदेशी मुद्रा निवेश (एफडीआई) आर्किषत करने में पहले स्थान पर था.

आईटी, बीटी, रक्षा निर्माण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण सहित कर्नाटक की विभिन्न उपलब्धियों को सूचीबद्ध करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ‘‘डबल इंजन …’’ की ताकत के साथ प्रगति कर रहा है. मोदी ने आगे कहा कि पूरी दुनिया में भारत स्टार्ट-अप के लिए जाना जाता है और देश की इस पहचान को मजबूत करने में बेंगलुरु की बहुत बड़ी भूमिका है.

उन्होंने कहा, ‘‘स्टार्ट-अप केवल एक कंपनी नहीं है, यह कुछ नया करने की भावना है, अलग तरह से सोचने की है. स्टार्ट-अप देश के सामने आने वाली चुनौतियों को हल करने के लिए एक भरोसा है. बेंगलुरु स्टार्ट-अप भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जो भारत को एक अलग समूह में रखता है.’’ कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और उनके कई कैबिनेट सहयोगी, आदिचुंचनागिरी मठ के निर्मलानंदनाथ स्वामीजी, केंद्रीय मंत्री प्र‘‘ाद जोशी, भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्य बी. एस. येदियुरप्पा, भाजपा विधायक, अधिकारी सहित कई गणमान्य लोगा कार्यक्रम में उपस्थित थे.

इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री ने विधान सौध परिसर में संत कवि कनक दास और मर्हिष वाल्मीकि की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने यहां केएसआर रेलवे स्टेशन पर ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ और ‘भारत गौरव काशी दर्शन’ ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई.
‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के बारे में उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रतीक है कि भारत रुक-रुक कर चलने वाले दिनों को अब पीछे छोड़ चुका है.

उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं है, बल्कि एक नये भारत की पहचान है और 21वीं सदी में भारतीय ट्रेन कैसी होंगी, इसकी एक झलक है.” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अगले 8-10 वर्षों में भारतीय रेलवे के परिवर्तन का लक्ष्य रखती है. उन्होंने आगे कहा, ‘‘चार सौ से अधिक वंदे भारत ट्रेन, विस्टाडोम कोच, भारतीय रेलवे की नई पहचान बनेंगी.’’ उन्होंने राज्य सहित देशभर के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मालगाड़ियों के लिए सर्मिपत गलियारों से परिवहन की ‘स्पीड’ बढ़ेगी और समय की बचत होगी.

एक विकसित भारत के लिए शहरों के बीच संपर्क को महत्वपूर्ण और समय की मांग करार देते हुए उन्होंने हवाई संपर्क के विस्तार पर जोर दिया और कहा कि देश हवाईयात्रा के लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है, और जैसे-जैसे देश आगे बढ़ रहा है यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में करीब 70 हवाईअड्डे थे और अब उनकी संख्या 140 से भी अधिक हो गई है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखने का प्रयास किया जाएगा कि बेंगलुरू उस रास्ते पर आगे बढ़े जिसकी उसके संस्थापक नादप्रभु केम्पेगौड़ा ने कल्पना की थी.

उन्होंने कहा कि बेंगलुरु एक ‘‘अंतरराष्ट्रीय शहर’’ है और हमें इसकी विरासत को संरक्षित करते हुए इसे आधुनिक बुनियादी ढांचे से समृद्ध बनाना है. इससे पहले आज, मोदी ने केम्पेगौड़ा की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया, जो ‘वर्ल्ड बुक आॅफ रिकॉर्ड्स’ के अनुसार, ‘‘किसी शहर के संस्थापक की पहली और सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा’’ है.

प्रधानमंत्री मोदी ने केआईए के र्टिमनल-2 का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) के र्टिमनल2 का शुक्रवार को उद्घाटन किया. इस पर्यावरण अनुकूल र्टिमनल में बांस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है और यह 5,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया गया है. इसे ‘र्टिमनल इन ए ग्रीन’ भी कहा जा रहा है.

केआईए के अधिकारियों ने बताया कि इस नए र्टिमनल पर सलाना 2.5 करोड़ लोगों को सेवाएं मुहैया कराए जाने की उम्मीद है.
केआईए के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ टी-2 बेहतरीन वास्तुकला का एक उदाहरण है, जो अपने आप में पहला ‘र्टिमनल इन ए ग्रीन’ (हरियाली के बीच र्टिमनल) है. इसके अंदर और बाहर हर तरफ हरियाली है, ऐसा नजारा विश्व में किसी हवाई अड्डे पर देखने को नहीं मिलता. यहां से यात्रियों को गुजरते हुए ऐसा लगेगा कि वे किसी बगीचे से जा रहे हैं.’’ अधिकारी के अनुसार र्टिमनल-2 का सबसे बड़ा आकर्षण इसका ‘हैंंिगग गार्डन’ होगा.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘र्टिमनल-2 को ‘गार्डन सिटी’ बेंगलुरु के लिए एक सम्मान के रूप में डिजाइन किया गया है. यात्री यहां करीब 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में हरियाली के बीच से गुजरेंगे, जिसकी दीवारों पर भी हरियाली नजर आएगी.’’ बयान के अनुसार स्थिरता पहलों के आधार पर र्टिमनल-2 दुनिया का सबसे बड़ा र्टिमनल होगा जिसे परिचालन शुरू करने से पहले यूएस जीबीसी (ग्रीन बिंिल्डग काउंसिल) द्वारा पूर्व-प्रमाणित ‘प्लेटिनम रेंिटग’ प्राप्त होगी.

पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों के “यादगार स्वागत” के बाद मोदी ने कहा: ‘‘धन्यवाद बेंगलुरु…’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेंगलुरु में कर्नाटक लोक सेवा आयोग के कार्यालय के समीप एक प्रमुख चौराहे पर शुक्रवार को अपनी कार रुकवाई और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों की उत्साही भीड़ का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. वह ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस तथा ‘भारत गौरव काशी दर्शन’ ट्रेनों को हरी झंड़ी दिखाने के लिए क्रांतिवीर संगोल्लि रायाण्ण (केएसआर) स्टेशन की ओर जा रहे थे.

मोदी ने अपनी कार के ‘रंिनग बोर्ड’ पर खड़े होकर भीड़ का अभिवादन किया. भीड़ में शामिल लोगों ने ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगाए और वे भाजपा के झंड़े लेकर खड़े हुए थे. बाद में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के र्टिमनल-2 का उद्घाटन करने के लिए जाते वक्त मोदी केएसआर रेलवे स्टेशन के समीप एक प्रमुख चौराहे पर अपनी गाड़ी से बाहर निकले, भीड़ की ओर आगे बढ़े तथा हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया.

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘इस शहर में यादगार स्वागत के लिए धन्यवाद बेंगलुरू.’’ प्रधानमंत्री ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने, ‘नादप्रभु’ केम्पेगौड़ा की 108 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण करने और पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से बने केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के र्टिमनल-2 का उद्घाटन करने के लिए बेंगलुरु के दौरे पर हैं. मोदी के बेंगलुरु दौरे को अहम माना जा रहा है क्योंकि कर्नाटक में विधानसभा चुनावों में छह महीने से भी कम का वक्त बचा है.

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