राजस्थान में पुजारी और उनकी पत्नी पर पेट्रोल बम फेंका, दोनों झुलसे, दो पुलिसकर्मी निलंबित

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 21 Nov 2022 10:18 PM
राजस्थान में पुजारी और उनकी पत्नी पर पेट्रोल बम फेंका, दोनों झुलसे, दो पुलिसकर्मी निलंबित
ऑडियो सुनें

जयपुर. राजस्थान के राजसमंद जिले में कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग पुजारी और उनकी पत्नी पर कथित रूप से पेट्रोल बम फेंक दिया, जिससे वे दोनों झुलस गए. पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. उदयपुर के पुलिस महानिरीक्षक प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि पुजारी को पहले भी धमकाया गया था और आरोपियों के खिलाफ शिकायत भी की गई थी लेकिन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने बताया कि आज जब यह घटना हुई तो स्थानीय थानाधिकारी और एक चौकी प्रभारी को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया.

उन्होंने बताया कि यह हमला हीरा की बस्ती इलाके में रविवार रात को हुआ जहां नवरत्न प्रजापत (72) अपनी पत्नी के साथ एक छोटे से आवास में खाना खा रहे थे. पुलिस ने बताया कि आग बुझाने के प्रयास में पत्नी जामदा देवी झुलस गईं और दोनों अस्पताल में उपचाराधीन हैं.

राजसमंद के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने कहा कि कुछ स्थानीय लोगों को प्रजापत के एक स्थानीय देवनारायण मंदिर के पुजारी होने पर आपत्ति थी और वे वहां किसी और को लाना चाहते थे. उन्होंने बताया कि साथ ही मंदिर की जमीन को लेकर भी विवाद चल रहा था और इस विवाद का मामला राजसमंद के देवघर की दीवानी अदालत में पहले से चल रहा था. उन्होंने बताया कि मामले में अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होनी थी.

उन्होंने बताया कि नवरतन ने दो-तीन बार पुलिस से संपर्क किया था और आरोपियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से शिकायत भी की थी. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्होंने देवगढ़ थाने के थानाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन उन्होंने मामले को थाना के तहत आने वाली स्थानीय चौकी में भेज दिया और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

उन्होंने बताया कि रविवार रात 10-12 लोगों के एक समूह ने घटना को अंजाम दिया था, उसके बाद पुलिस हरकत में आयी. उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी नरेंद्र सिंह ने पुजारी को जलाने के लिए स्थानीय बदमाशों को 20 हजार रुपये दिए थे. उन्होंने कहा कि इस मामले में नरेंद्र सिंह, भंवर सिंह, हरदेव भट और जीतू से पूछताछ की गई है और उन्होंने अपराध करना कबूल कर लिया है.

उन्होंने बताया कि जीतू मुख्य साजिशकर्ता है और उसे आंध्र प्रदेश से पकड़ा गया है. उन्होंने कहा कि उसने साजिश रची थी और आंध्र प्रदेश चला गया था ताकि घटना के दौरान राजसमंद में उसकी उपस्थिति दर्ज न हो. उन्होंने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता के अलावा 11 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले में लापरवाही बरतने पर देवगढ़ थानाधिकारी शैतान सिंह (निरीक्षक) और कामलीघाट चौकी प्रभारी राजू सिंह (उप निरीक्षक) को निलंबित कर दिया गया है. अधिकारी ने कहा कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ा है लेकिन सरकार को कोई परवाह नहीं है. उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री ने ऐसी घटनाओं की तरफ से आंखें मूंद ली हैं जो दर्शाता है कि अपराधियों को सरकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है.” पूनिया ने कहा कि इस मामले में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए. राजसमंद की सांसद दीया कुमारी ने भी घटना की ंिनदा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu