नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार के मंत्री के तौर पर आम आदमी पार्टी (आप) के नेता सत्येंद्र जैन के जेल में बने रहने को ‘शर्मनाक’ बताया और कहा कि इस तरह की चीजें सार्वजनिक जीवन में अभूतपूर्व हैं. तिहाड़ जेल में बंद जैन के कुछ वीडियो सामने आये हैं, जिनमें वह अपनी कोठरी में कच्ची सब्जियां और फल खाते हुए दिख रहे हैं. अन्य वीडियो में उन्हें मालिश कराते और अन्य विशेष सुविधाएं पाते भी देखा जा सकता है.
गृह मंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘मैं भी जेल गया था और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. बाद में, हमने अदालत में लड़ाई लड़ी और अदालत ने कहा कि यह एक राजनीतिक साजिश थी और मामला फर्जी है. यदि आपके साथ अन्याय हुआ है तो कानून का सहारा लीजिए, या अदालत का रुख करिए. आप इतनी बेशर्मी के साथ कार्य नहीं कर सकते .’’ तिहाड़ में जैन को विशेष सुविधाएं मिलने के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि यह जवाब अरंिवद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी को देना चाहिए कि ये वीडियो वास्तविक हैं, या नहीं.
शाह ने कहा, ‘‘यदि वीडियो वास्तविक हैं तो यह आप की जवाबदेही बनती है. उन्हें जेल में बंद अपने मंत्री से कहना चाहिए कि उनके जेल जाने के बाद भी आप उन्हें निलंबित नहीं कर रहे हैं. और जेल में रहते हुए वह इस तरह की सुविधाएं उठा रहे हैं. मुझे इस सवाल का जवाब नहीं देना. वह (जैन) आज भी मंत्री हैं.’’ उन्होंने टाइम्स नाऊ समिट में कहा, ‘‘मैंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में यह कभी नहीं देखा कि एक पार्टी एक मंत्री के जेल जाने पर भी उनका इस्तीफा नहीं ले रही है.’’ शाह ने कहा कि जेल में बंद रहने के बाद भी मंत्री पद पर चिपके रहने की इस तरह की बेशर्मी अभूतपूर्व है. इस तरह की स्थिति में एक मंत्री को हटाने की केंद्र को अनुमति देने वाले प्रावधानों के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने शायद सोचा नहीं होगा कि इस तरह की स्थिति आ सकती है और इसलिए इस बारे में कोई प्रावधान नहीं किया.
कुछ चीजों को नहीं खींचना चाहिए : शाह ने राहुल गांधी को सद्दाम जैसा बताने पर कहा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हुलिया इराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन जैसा बताने संबंधी भाजपा के एक नेता की टिप्पणी को बृहस्पतिवार को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि इस तरह की चीजों को नहीं खींचना चाहिए. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को दावा किया था कि राहुल इराक के पूर्व तानाशाह की तरह दिख रहे हैं, जिस पर कांग्रेस ने इस टिप्पणी को ‘अप्रिय और पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताया था.
यहां ‘टाइम्स नाऊ समिट’ में शाह ने कहा, ‘‘इस तरह की चीजों को नहीं खींचना चाहिए. जब कभी चुनाव होते हैं , तब इस तरह की चीजें बोली जाती हैं और लोग भी उसे सुनते हैं. लोग इसका आनंद उठाते हैं. इसमें यकीन करने के बाद, मतदान नहीं बदलता. चुनावों में इस तरह की बातें कही जाती हैं.’’
उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद में एक जनसभा के दौरान शर्मा ने कहा था, ‘‘मैंने अभी देखा कि उनका (राहुल का) हुलिया भी बदल गया है. मैंने कुछ दिन पहले एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा था कि उनके नये हुलिये में कुछ भी गलत नहीं है. लेकिन यदि आपको हुलिया बदलना है तो कम से कम इसे सरदार वल्लभभाई पटेल या जवाहरलाल नेहरू जैसा कर लीजिए. गांधीजी जैसा नजर आते तो बेहतर होता. लेकिन आपका चेहरा सद्दाम हुसैन जैसा क्यों दिख रहा?’’