विश्वनाथ, वंशज और देविका को विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

नयी दिल्ली: भारतीय मुक्केबाज विश्वनाथ सुरेश, वंशज और देविका घोरपड़े ने स्पेन के ला नुसिया में चल रही आईबीए युवा पुरुष और महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते। चेन्नई में जन्में विश्वनाथ ने इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने पुरुषों के 48 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में फिलीपींस के रोनेल सुयोम को हराकर सोने का तमगा हासिल किया।

इसके बाद ंिरग पर उतरी भावना शर्मा को महिलाओं के 48 किग्रा भार वर्ग में उज्बेकिस्तान की गुलसेवर गनीवा से 0-5 से हार के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। आशीष (54 किग्रा) रजत पदक हासिल करने वाले अन्य भारतीय थे। वह जापानी मुक्केबाज युता साकाई से 1-4 से हार गए।

पुणे की रहने वाली देविका ने महिलाओं के 52 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को हराकर भारत के खाते में दूसरा स्वर्ण पदक जोड़ा। युवा एशियाई चैंपियन वंशज ने भारत के लिए तीसरा स्वर्ण पदक हासिल किया। सोनीपत के रहने वाले इस मुक्केबाज ने पुरुषों के 63.5 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में जॉर्जिया के देमूर कजाया को आसानी से हराया।

भारत 11 पदकों के साथ इस प्रतियोगिता में शीर्ष पर है। उसके बाद उज्बेकिस्तान (10), आयरलैंड (सात) और कजाकिस्तान (सात) का का नंबर आता है। इस साल चैंपियनशिप में 73 देशों के लगभग 600 मुक्केबाजों ने भाग लिया। भारत ने महिला वर्ग में आठ पदक जीते जो कि रिकॉर्ड है।

रवीना (63 किग्रा) और कीर्ति (81 किग्रा से अधिक) प्रतियोगिता के आखिरी दिन महिला वर्ग के फाइनल में भारत के खाते में दो और स्वर्ण पदक जोड़ सकती हैं। रवीना और कीर्ति क्रमश: नीदरलैंड की मेगन डेक्लेर और आयरलैंड की एलिजाबेथ डी आर्सी से भिड़ेंगी।

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