नयी दिल्ली. पश्चिमी दिल्ली में बुधवार सुबह 17 वर्षीय किशोरी पर तेजाब फेंकने के मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमले के मकसद का पता लगाने के लिए उनसे पूछताछ की जा रही है. पश्चिमी दिल्ली में अपने घर से स्कूल के लिए निकलने के कुछ मिनट बाद छात्रा पर मोटरसाइकिल सवार दो नकाबपोश व्यक्तियों ने तेजाब फेंक दिया था. सफदरजंग अस्पताल के ‘बर्न आईसीयू’ में किशोरी का इलाज किया जा रहा है.
दिन में पुलिस उपायुक्त (द्वारका) एम. हर्षवर्धन ने कहा कि उत्तम नगर के पास मोहन गार्डन में अपनी छोटी बहन के साथ जाते समय तेजाब हमले का शिकार हुई किशोरी ने दो लोगों का नाम लिया है, जो हमले के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. उनमें से एक को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
सफदरजंग अस्पताल में एक चिकित्सक ने कहा, ‘‘उसका (पीड़िता का) चेहरा सात-आठ प्रतिशत तक झुलस गया है और आंखें भी प्रभावित हुई हैं. उसे आईसीयू में रखा गया है और उसकी हालत स्थिर है.’’ इस घटना को लेकर आक्रोश फैलने के बाद उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना, महिला समूहों और अन्य लोगों ने प्रतिबंध के बावजूद बाजार में तेजाब उपलब्ध होने पर सवाल उठाया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल ने सवाल किया कि आरोपियों ने इतना साहस कैसे जुटाया होगा.
तेजाब हमले की शिकार हुई किशोरी को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी: लक्ष्मी अग्रवाल
सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि वह पश्चिमी दिल्ली में तेजाब हमले की शिकार 17 वर्षीय किशोरी की हर संभव मदद करेंगी. उन्होंने अधिकारियों से तेजाब पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का आग्रह भी किया. पंद्रह साल की उम्र में तेजाब हमले का सामना करने वाली अग्रवाल सफदरजंग अस्पताल के ‘बर्न आईसीयू’ में पीड़िता (किशोरी) से मिलने गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया.
अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं पीड़िता के इलाज में उसकी मदद करना चाहती हूं और उसकी काउंसंिलग करना चाहती हूं. हमारा फाउंडेशन किशोरी की मदद करेगा. उसका अच्छी तरह से इलाज किया जाना चाहिए. इसतरह की ज्यादातर घटनाओं में तेजाब से आंखों को भी नुकसान पहुंचता है. इसलिए प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि इसका आंखों पर कोई प्रभाव न पड़े.’’ लक्ष्मी ने अब भी बड़े पैमाने पर तेजाब की बिक्री होने पर अफसोस जताते हुए अधिकारियों से इसकी खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह से रोक लगाने का अनुरोध किया.
स्वाति मालीवाल ने सरकार से पूछा, दिल्ली में खुलेआम बिक रहा तेजाब, आप क्या कर रहे?
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बुधवार को हुए तेजाब हमले के मद्देनजर कहा कि प्रतिबंध के बावजूद तेजाब, सब्जी की तरह खरीदारी के लिए उपलब्ध है. ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो में मालीवाल ने कहा कि तेजाब की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए आयोग अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमने इस घटना को लेकर शहर पुलिस को नोटिस जारी किया है. हमलावरों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए.’’ डीसीडब्ल्यू प्रमुख ने कहा, ‘‘आयोग ने कई नोटिस जारी किए, कई सिफारिशें कीं, लेकिन तेजाब की बिक्री जारी है. जैसे सब्जियां बिकती हैं, वैसे ही कोई भी तेजाब खरीदकर किसी लड़की पर फेंक सकता है. इस मुद्दे पर सरकारों क्यों आंख मूंदे हुए हैं? जब किसी लड़की पर तेजाब से हमला किया जाता है तो उसकी आत्मा जख्मी होती है और उसका जीवन बर्बाद हो जाता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम तेजाब की बिक्री के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे.’’
तेजाब हमले की पीड़िता के पिता ने कहा : मुझे नहीं पता ऐसा कौन कर सकता है?
दिल्ली में तेजाब हमले की शिकार 17 वर्षीय किशोरी के पिता का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि ऐसा कौन कर सकता है और उनकी बेटी ने कभी किसी प्रकार के उत्पीड़न की शिकायत नहीं की. पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में बुधवार सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली 17 वर्षीय किशोरी पर बाइक सवार दो नकाबपोश व्यक्तियों ने कथित तौर पर तेजाब फेंका, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पीड़िता की बहन अपने माता-पिता को इस घटना के बारे में बताने के लिए घर दौड़ी, जबकि कुछ दुकानदारों ने उसे दूध से तेजाब धोने में मदद की. सफदरजंग अस्पताल के ‘बर्न वार्ड’ के बाहर प्रतीक्षा कर रहे लड़की के पिता ने पत्रकारों से कहा कि उस समय उसकी छोटी बहन साथ थी और वे दोनों स्कूल जा रहे थे.
पीड़िता के पिता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ मेरी बेटी सुबह साढ़े सात बजे घर से निकली थी. जैसे ही वह सड़क पार कर रही थी, उस पर हमला किया गया. यह घटना उसके घर से निकलने के छह से सात मिनट के भीतर हुई. मेरी सबसे छोटी बेटी उसके साथ गई थी और फिर दौड़कर हमारे पास आई. ’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उसे कोई परेशान कर रहा था या कोई उसका पीछा कर रहा था, उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं है. पीड़िता के पिता ने कहा, ‘‘ मेरी बेटी ने मुझे बताया कि बदमाशों ने आकर तेजाब फेंका और वह उन्हें देख नहीं पाई. चिकित्सक उसकी जांच कर रहे हैं. अगर मुझे ऐसी कोई बात (उत्पीड़न) पता होती, तो मैं ध्यान रखता और उसे स्कूल छोड़ता.’’