नयी दिल्ली: नवनिर्वाचित दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की पहली बैठक अगले साल छह जनवरी को हो सकती है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सात दिसंबर को घोषित नतीजों के तहत आम आदमी पार्टी (आप) ने एमसीडी के 250 वार्डों में से 134 में जीत दर्ज कर नगर निकाय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 15 साल के शासन का अंत कर दिया था।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने दिल्ली नगर निगम (डीएमसी) अधिनियम-1957 में दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए छह जनवरी 2023 को नर्विनवाचित एमसीडी की पहली बैठक कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।’’ सूत्र के मुताबिक, आयुक्त (एमसीडी) ने उपराज्यपाल की मंजूरी का अनुरोध करते हुए एमसीडी की पहली बैठक बुलाने का प्रस्ताव 12 दिसंबर को शहरी विकास विभाग के पास भेजा था।
सूत्र ने कहा, ‘‘उपमुख्यमंत्री एवं शहरी विकास मंत्री मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल द्वारा अनुमोदित फाइल 14 दिसंबर को राज निवास पहुंची, जिसे उपराज्यपाल ने उसी दिन स्वीकृति दे दी थी।’’
डीएमसी अधिनियम की धारा-35 की उपधारा (1) के तहत ‘‘निगम हर साल अपनी पहली बैठक के दौरान अपने सदस्यों में से किसी एक को महापौर और एक अन्य को उप महापौर के रूप में चुनेगा।’’
उक्त अधिनियम की धारा-77 के अनुसार, महापौर के चुनाव के लिए होने वाली बैठक में पीठासीन अधिकारी एक ऐसा पार्षद होगा, जो इस पद के दावेदारों में शामिल नहीं होगा और जिसे उपराज्यपाल द्वारा नामित किया जाएगा।