नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें राज्य के पश्चिम बर्धमान जिले में एक कंबल वितरण कार्यक्रम में मची भगदड़ के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया था.
शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से कहा कि वह अपनी उस याचिका के साथ कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का रुख करे, जिसमें उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ के पहले के आदेश को संशोधित करने का अनुरोध किया गया है. एकल पीठ ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी के खिलाफ कोई भी प्राथमिकी दर्ज करने पर “पूर्ण रोक” लगाई थी.
राज्य सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए. एम. ंिसघवी ने प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की पीठ से कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में एक अपील इस तथ्य के कारण दायर की गई है कि संबंधित उच्च न्यायालय के न्यायाधीश उपलब्ध नहीं हैं और न्यायिक कार्य के लिए पोर्ट ब्लेयर में हैं.
शीर्ष अदालत ने आदेश में कहा, ‘‘कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ द्वारा एक निर्देश जारी किया गया था. एकल न्यायाधीश कलकत्ता में न्यायिक कार्य के लिए उपलब्ध नहीं हैं. यह प्रस्तुत किया गया है कि इस अदालत के समक्ष एक विशेष अनुमति याचिका शुरू की जानी है. यदि एकल न्यायाधीश उपलब्ध नहीं हैं, तो भी याचिकाकर्ता के पास निर्देश के लिए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का रुख करने का विकल्प है.’’ ंिसघवी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का रुख करने की स्वतंत्रता के साथ याचिका वापस ले ली.
हाल में, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अधिकारी की दलीलों पर गौर किया था और राज्य पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई लगभग 17 प्राथमिकियों पर रोक लगा दी थी. उच्च न्यायालय ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया था कि वह उसकी पूर्व अनुमति के बिना अधिकारी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज न करे. उच्च न्यायालय के इस आदेश में संशोधन के लिए राज्य सरकार ने अदालत का रुख किया था.
ंिसघवी ने कहा, ‘‘हम एक प्राथमिकी दर्ज करने की स्वतंत्रता चाहते हैं. उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश द्वारा एक व्यापक संरक्षण प्रदान किया गया है. हम प्राथमिकी भी दर्ज नहीं कर सकते हैं.’’ पुलिस के मुताबिक, पश्चिम बर्धमान जिले में कंबल वितरण कार्यक्रम में बुधवार को भगदड़ मचने से तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस के अनुसार कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन अधिकारी सहित भाजपा नेताओं ने किया था. भगदड़ उस समय मची जब अधिकारी के कार्यक्रम स्थल से जाने के बाद कंबल लेने के प्रयास में लोग मंच की ओर दौड़ पड़े.