पूर्वोत्तर में मोदी सरकार शांति और स्थिरता लाई; युवाओं के हाथ में बंदूक नहीं, कम्प्यूटर है: मंत्री

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 19 Dec 2022 06:41 PM
पूर्वोत्तर में मोदी सरकार शांति और स्थिरता लाई; युवाओं के हाथ में बंदूक नहीं, कम्प्यूटर है: मंत्री
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नयी दिल्ली. पूर्वोत्तर विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाई है तथा उसके कार्यों का नतीजा यह है कि उन नौजवानों के हाथों में अब कम्प्यूटर है जो कांग्रेस के राज में बंदूक पकड़े हुए थे. उन्होंने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद विन्सेंट पाला और द्रमुक के टी आर बालू के पूरक प्रश्नों के उत्तर में यह टिप्पणी की.

रेड्डी ने कहा कि पिछले आठ वर्ष में पूर्वोत्तर के विकास के लिए जो काम हुए हैं, वो कांग्रेस की सरकार में कभी नहीं हुए. मंत्री का कहना था कि सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम किया है, बातें नहीं की हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आठ वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति और राजनीतिक स्थिरता आई है तथा लोग निवेश के लिए तैयार हैं.

रेड्डी ने विपक्षी सदस्यों के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए यह भी कहा, ‘‘आपके (कांग्रेस के) राज में जो नौजवान बंदूक पकड़ते थे, अब उनके हाथ में कम्प्यूटर हैं. यह सरकार पूर्वोत्तर को विकास के मार्ग पर ले जा रही है. नरेंद्र मोदी सरकार और कांग्रेस की सरकार की कोई तुलना नहीं है.’’ रेड्डी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारों के समय पूर्वोत्तर में राजनीतिक अस्थिरता होती थी और मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते थे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ विपक्षी सदस्यों के पूरक प्रश्न के उत्तर में पूर्वोत्तर के लिए सरकार के कुछ कदमों का उल्लेख किया.

सीतारमण ने कहा कि पिछले बजट से पहले पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बैठक की गयी थी तथा उनकी राय के आधार पर आजीविका के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया. उन्होंने कहा कि उसके बाद बजट में मुख्यमंत्रियों की मांग के मुताबिक आवंटन किया गया. एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में रेड्डी ने कहा कि रोजगार के संदर्भ में बात करें तो पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं का पलायन बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की तुलना में कम है.

उन्होंने बताया, ‘‘वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक, पूर्वोत्तर के राज्यों में 1,52,05,214 प्रवासी हैं. इनमें से 93.80 प्रतिशत (1,42,62,490) राज्यान्तर्गत प्रवासी हैं तथा सिर्फ छह प्रतिशत राज्य के भीतर के अंतर-राज्यीय प्रवासी हैं.’’ रेड्डी ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर अंतर-राज्यीय प्रवासी 11.90 प्रतिशत हैं तथा 88.10 प्रतिशत राज्यान्तर्गत प्रवासी हैं.

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