प्रौद्योगिकी, R&D के जरिये इस्पात उत्पादन में निचले ग्रेड का लौह अयस्क इस्तेमाल करें : सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 22 Dec 2022 09:48 PM
प्रौद्योगिकी, R&D के जरिये इस्पात उत्पादन में निचले ग्रेड का लौह अयस्क इस्तेमाल करें : सरकार
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नयी दिल्ली. घरेलू इस्पात उद्योग को नई प्रौद्योगिकी को अपनाना चाहिए और अपने उत्पादन में निम्न ग्रेड वाले लौह अयस्क का उपयोग करने के लिए अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए. सरकार ने बृहस्पतिवार को यह बात कही. इस्पात सचिव संजय सिंह ने कहा कि उच्च श्रेणी के अयस्क की तुलना में देश में निम्न श्रेणी के लौह अयस्क का उत्पादन बढ़ रहा है.

अधिकारी ने यहां ‘सीआईआई इस्पात सम्मेल-2022’ में कहा, ‘‘उद्योग को सभी प्रकार के विशिष्ट इस्पात के उत्पादन के लिए देश की तैयारियों में सहयोग करना चाहिए. इसके लिए उन्हें उच्चस्तरीय प्रौद्योगिकी को अपनाकर तथा शोध एवं विकास के लिए एक साझा रणनीति विकसित करते हुए खानों के आसपास लगभग 10 करोड़ टन कम गुणवत्ता वाले अयस्क का उपयोग करके उन्हें उच्च गुणवत्ता में परिर्वितत करना चाहिए.’’ केंद्रीय इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को घरेलू इस्पात उद्योग से कम कार्बन उत्सर्जक इस्पात बनाने की प्रक्रियाओं को अपनाने का आग्रह किया था.

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