चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सहयोगी दल कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रासंगिकता या महत्व खो दिया है. साथ ही, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए एक ‘राष्ट्रीय गठबंधन’ की हिमायत की, जिसमें देश की सबसे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) भी शामिल हो.
स्टालिन ने कहा, ‘‘कांग्रेस पटरी पर लौट रही है, जिसकी भारत को अभी जरूरत है. ’’ उन्होंने कहा कि यह पार्टी ‘‘फिर से उभरने की राह पर’’ है. द्रमुक मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख ने राहुल गांधी की भी सराहना करते हुए कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संकीर्ण राजनीति की ‘सही काट’ हैं.
स्टालिन ने पीटीआई-भाषा को दिये एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाओं को बचाने की खातिर भाजपा का मुकाबला करने के लिए एक ‘राष्ट्रीय गठबंधन’ बनाने की जरूरत है. उनकी टिप्पणी ऐसे दिन आई है, जब देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस अपना 138वां स्थापना दिवस मना रही है.
द्रमुक प्रमुख ने कहा कि राज्य स्तर पर एक मजबूत क्षेत्रीय दल का गठजोड़ एक राष्ट्रीय दल से रहने के तमिलनाडु मॉडल को देश के अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है. तमिलनाडु के कन्याकुमारी में सात सितंबर को कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरूआत होने के अवसर स्टालिन ने प्रतीकात्मक रूप से एक राष्ट्रीय ध्वज राहुल गांधी के हाथों में दिया था.
स्टालिन ने यह भी कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए की गई कोशिशों ने नतीजे देना शुरू कर दिया है.
साक्षात्कार में पूछे गये प्रश्न और उनके उत्तर इस प्रकार हैं:
प्रश्न: हिमाचल प्रदेश के अलावा, कांग्रेस ने देश में हुए हालिया चुनावों में बहुत खराब प्रदर्शन किया है. कांग्रेस की घटती राजनीतिक संभावनाओं के लिए आपके अनुसार क्या वजह है?
उत्तर: मैं नहीं मानता कि कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रासंगिकता या महत्व खो दिया है. कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए सोनिया गांधी द्वारा की गई कोशिशों ने लाभ देना शुरू कर दिया है. वरिष्ठ नेता (मल्लिकार्जुन) खरगे अपने लंबे अनुभव के जरिये पार्टी को फिर से मजबूती की ओर ले जा रहे हैं. भाई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा लोगों के बीच कौतूहल का एक बड़ा विषय बन गई है. कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी बढ़ गया है. कांग्रेस पटरी पर लौट रही है, जिसकी अभी भारत को जरूरत है.
प्रश्न: आपने राहुल गांधी के राजनीतिक नेतृत्व का समर्थन किया है. क्या आपको लगता है कि राहुल गांधी गुजरात (विधानसभा) चुनावों में अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार में अधिक महत्वपपूर्ण भूमिका निभा सकते थे? क्या आपको लगता है कि राहुल राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का नेतृत्व कर सकते हैं, ताकि यह भाजपा का मजबूत विरोधी बन कर उभर सके?
उत्तर: मैं राहुल गांधी को भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करने वाले एक युवा नेता के तौर पर देखता हूं. पी चिदंबरम जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गुजरात चुनाव नतीजों का विश्लेषण किया है और अपनी टिप्पणियां की हैं. राहुल गांधी संसद में काफी दमदार तर्क देते हैं. कई ज्वलंत मुद्दों पर उनका सुस्पष्ट रुख होता है. उनका मानना है कि भारत की विविधता इसकी अखंडता की रक्षा करती है. वह साम्प्रदायिक नफरत की राजनीति और एक भाषा के वर्चस्व के विरोधी हैं. ये विशेषतओं उन्हें भाजपा की संकीर्ण राजनीति की ‘सही काट’ बनाते हैं. राहुल गांधी भाजपा से न सिर्फ चुनावी मोर्चे पर, बल्कि विचारधारा के स्तर पर भी लड़ते हैं. यही कारण है कि राहुल को भाजपा निशाना बना रही है. यह असल में उनकी ताकत को दर्शाता है.
प्रश्न: क्या आपको लगता है कि कांग्रेस के साथ चुनावी गठजोड़ ने अब तक द्रमुक की मदद की है? क्या द्रमुक का कांग्रेस के साथ गठजोड़ भविष्य के चुनावों में जारी रहेगा? विशेष रूप से 2024 के संसदीय चुनावों में?
उत्तर: हमारा मानना है कि देश के संविधान की रक्षा होनी चाहिए. हमें हमारे देश के संस्थापकों ने जो मूल (कोर) मूल्य और सिद्धांत सौंपे हैं, उसे किसी तरह से भी कमजोर नहीं करने दिया जाए. हम चाहते हैं कि हमारी संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्रत रूप से कार्य करें. हम एक राष्ट्रीय गठबंधन चाहते हैं, जिसमें कांग्रेस को शामिल किया जाए. तमिलनाडु में द्रमुक ने इस तरह का एक गठजोड़ पहले ही कर लिया है और इसे अन्य स्थानों पर लागू करने के लिए एक सफल मॉडल बनाया है.