भारतीय चिकित्सा व्यवस्था और चिकित्सकों पर भरोसे के चलते नहीं कराता विदेश में इलाज: अमिताभ बच्चन

इंदौर. बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मंगलवार को कहा कि भारतीय चिकित्सा व्यवस्था और चिकित्सकों पर अटूट भरोसे के चलते वह विदेश में अपना इलाज नहीं कराते. बच्चन, बीसीएम समूह के साथ गठजोड़ से इंदौर में खोले गए कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी अस्पताल के उद्घाटन के बाद एक समारोह को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं बीमार पड़ा या मेरे साथ कोई दुर्घटना हुई, तो मेरे और मेरे परिवार के पास वे सभी साधन थे जिनके बूते मैं विदेश जाकर अपना इलाज करा सकता था. लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया क्योंकि मुझे भारत की चिकित्सा व्यवस्था और देश के चिकित्सकों पर पूरा विश्वास था और हमेशा रहेगा.’’

बच्चन ने कहा, ‘‘अगर भविष्य में मुझे बीमारी की अवस्था में अस्पताल में भर्ती होना पडेÞगा, तो मैं एक बार फिर भारत की चिकित्सा व्यवस्था और देश के चिकित्सकों पर ही विश्वास करूंगा.’’ उन्होंने कहा कि 1950 के दशक से लेकर 2000 के दशक तक उन्हें अलग-अलग दुर्घटनाओं और स्वास्थ्यगत समस्याओं के चलते अस्पतालों का रुख करना पड़ा है.

अस्सी वर्षीय अभिनेता ने कहा, ‘‘मैंने न जाने कितने आॅपरेशन थियेटर देखे हैं और न जाने कितने चिकित्सकों ने मेरा इलाज किया है. मैं इन चिकित्सकों के प्रति अपना आभार प्रकट करता हूं क्योंकि उन्हीं की वजह से मैं आपके सामने खड़ा हूं.’’ बच्चन ने आम लोगों को सलाह भी दी कि वे अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराएं. उन्होंने याद किया कि जब वह 1982 में एक दुर्घटना में घायल हो गए थे, तब उन्हें ‘हेपेटाइटिस-बी’ संक्रमित रक्तदाता का खून गलती से चढ़ा दिया गया था.

अभिनेता ने कहा, ‘‘मुझे यह खून चढ़ाने से पहले इस खून की जांच नहीं हो पाई थी. वर्ष 2002 या 2006 में मैंने जब अपने स्वास्थ्य की जांच कराई, तो पता चला कि हेपेटाइटिस-बी संक्रमित व्यक्ति का खून चढ़ाए जाने से मेरे लीवर को खासा नुकसान पहुंचा है.’’ बच्चन ने कहा कि वह इन दिनों महज 15 प्रतिशत क्षमता के साथ काम कर रहे लीवर के साथ जीवित हैं. उन्होंने कहा,‘‘ङ्घलेकिन मैं जीवित हूं, क्योंकि मैंने अपनी जांच कराई और अपनी बीमारी का इलाज कराया.’’ अमिताभ बच्चन ने कहा कि अगर मधुमेह और हेपेटाइटिस-बी जैसी बीमारियों की समय पर जांच न कराई जाए, तो इससे जूझ रहे लोगों का जीवन संकट में पड़ सकता है.

इंदौर में 300 बिस्तरों वाले कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर बच्चन की पत्नी और राज्यसभा सदस्य जया बच्चन, मशहूर उद्योगपति अनिल अम्बानी और उनकी पत्नी टीना अम्बानी भी उपस्थित थीं. उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस अस्पताल के खुलने से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को इलाज के लिए मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

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