क्या राहुल गांधी और कांग्रेस कानून से ऊपर हैं: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव

नयी दिल्ली: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात की एक अदालत द्वारा राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने पर सवाल उठाने के लिए शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और पूछा कि क्या वे खुद को देश के कानून से ऊपर समझते हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख नेता यादव ने कहा कि अदालत ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए गांधी को दोषी ठहराया लेकिन कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी अपने ‘‘अहंकार’’ के कारण फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सूरत में 2019 में दर्ज मानहानि के इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने गांधी को लगातार कई मौके दिए कि वह समझें और अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग लें लेकिन उन्होंने अपने अहंकार के कारण ऐसा नहीं किया। एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने सवाल कहा, ‘‘क्या कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश के कानून से ऊंचे हैं?… क्या राष्ट्रीय नेता का काम ओबीसी समाज के एक उपनाम को गाली देना और उसका अपमान करना है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश में पूरे ओबीसी समुदाय को गाली देने के दोषी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हर किसी को अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए।’’ गांधी को ‘मोदी उपनाम’ को लेकर आपराधिक मानहानि के एक मामले में बृहस्पतिवार को दोषी ठहराया गया था और दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गयी थी। अदालत ने हालांकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को तत्काल जमानत दे दी थी और उनकी सजा के अमल पर 30 दिनों तक रोक लगा दी थी, ताकि वह इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकें।

कांग्रेस ने कहा कि गांधी की दोषसिद्धि त्रुटिपूर्ण है और इसे ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी। भाजपा नेता यादव ने आरोप लगाया, ‘‘हमारा मानना है कि अगर आप किसी विशेष समुदाय का इस तरह से अपमान करते हैं तो यह भारत जोड़ो नहीं बल्कि भारत तोड़ो है।’’ उन्होंने कहा कि उनके शब्द ओबीसी समाज और अन्य छोटे (निचली जाति) समाजों के बारे में उनकी मानसिकता को दर्शाते हैं।

यादव ने ब्रिटेन में लोकतंत्र संबंधी राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी के लिए भी उनकी आलोचना की और उन पर गालियां देने और झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने अपनी टिप्पणी से न केवल एक जाति या समाज का अपमान किया है, जिसके लिए उन्हें अदालत ने दोषी ठहराया है, बल्कि उन्होंने लंदन में अपनी हालिया टिप्पणियों से ‘‘भारत, भारत के संविधान और भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया’’ का भी अपमान किया है।

मंत्री ने संसद में गतिरोध और केंद्रीय बजट पर चर्चा ना हो पाने के लिए विपक्षी दलों, ‘‘मुख्य रूप से कांग्रेस’’ को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वे कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भाग लेने आते हैं लेकिन उसके फैसले का पालन नहीं करते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आसन के समक्ष हंगामा, सदन में नारेबाजी करना और तख्तियां दिखाना संसद का अपमान है… संसद का अपमान करने वाले लोग विदेश जाकर संसद के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी कथनी और करनी में अंतर स्पष्ट है।’’

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