कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल गिरफ्तार, असम की जेल भेजा गया

चंडीगढ़/डिब्रूगढ़. कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह को पंजाब के मोगा जिले के रोडे से रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. वह एक महीने से अधिक समय से फरार था. पंजाब से अमृतपाल (29) को लेकर एक विशेष विमान असम के डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पहुंचा, जहां से खालिस्तान समर्थक अलगाववादी को केंद्रीय कारागार ले जाया गया.

अमृतपाल को सुबह 6.45 बजे रोडे में हिरासत में लिया गया. आतंकवादी जरनैल सिंह ंिभडरावाले रोडे गांव से था और अमृतपाल को पिछले साल इस गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का प्रमुख नियुक्त किया गया था. अमृतपाल को कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लिया गया और एक विशेष उड़ान से असम ले जाया गया, जहां उसे डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में रखा जाएगा. इस जेल में पिछले कुछ हफ्तों में उसके नौ अन्य सहयोगियों को ले जाया गया है.

गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें कट्टरपंथी उपदेशक एक संक्षिप्त संबोधन देते हुए दिखाई दे रहा है, जिसमें वह संकेत दे रहा है कि वह आत्मसमर्पण कर रहा है. एक अन्य क्लिप में वह ंिभडरावाले की तस्वीर के सामने बैठा दिखाई दे रहा है. ंिभडरावाले 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के अंदर छिपे आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए चलाए गए विवादास्पद सैन्य अभियान में मारा गया था.

पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुखचैन सिंह गिल ने अमृतपाल के दावे का खंडन किया कि यह ‘‘आत्मसमर्पण’’ था, और कहा कि भगोड़े को घेर लिया गया था. उन्होंने कहा, ‘‘अमृतसर पुलिस और पंजाब पुलिस की खुफिया इकाई ने एक संयुक्त अभियान चलाया. पंजाब पुलिस को अमृतपाल के रोडे गांव में होने का पता चला था. पुलिस ने गांव में उसे चारों तरफ से घेर लिया था.’’ गिल ने कहा कि पुलिस गुरुद्वारे के भीतर नहीं गई.

उन्होंने कहा, ‘‘गुरुद्वारे की पवित्रता बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण था और वर्दी के साथ पुलिस अंदर नहीं जा सकती थी.’’ गिल ने बताया कि अमृतपाल को यह संदेश दिया गया था कि उसके भागने की कोई गुंजाइश नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘अमृतपाल के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत वारंट जारी किए गए थे और सुबह इन्हें तामील किया गया. कानून अपना काम करेगा.’’ अमृतपाल की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा. मान ने कहा कि वह रात में लगातार घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे.

अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे ने दावा किया कि अमृतपाल ने आत्मसमर्पण किया है और उस वक्त वह भी मौजूद थे.
गुरुद्वारे के वीडियो में अमृतपाल यह भी कहता सुनाई दे रहा है, ‘‘यह जरनैल सिंह ंिभडरावाले का जन्म स्थान है. यह वही स्थान है, जहां मेरा ‘दस्तार बंदी’ (पगड़ी बांधना) समारोह हुआ था. हम जीवन के अहम मोड़ पर खड़े हैं. पिछले एक महीने में जो भी हुआ है, वह सब आपने देखा है.’’

वीडियो में वह यह कहता दिख रहा है, ‘‘एक महीने पहले सिखों के खिलाफ सरकार ने ‘ज्यादती’ की. अगर केवल मेरी गिरफ्तारी का सवाल होता, तो शायद गिरफ्तारी के और भी कई तरीके होते जिन पर मैं सहयोग करता.’’ उसने कहा, ‘‘मैंने आत्मसमर्पण का फैसला किया और यह गिरफ्तारी कोई अंत नहीं है, यह एक शुरुआत है.’’ अमृतपाल ने कहा, ‘‘ईश्वर की अदालत में, मैं दोषी नहीं हूं, लेकिन दुनिया की अदालत में, मैं दोषी हो सकता हूं.’’ पंजाब पुलिस ने अजनाला थाने पर हमला करने के बाद 18 मार्च को अमृतपाल और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सदस्यों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद से वह फरार था. पुलिस ने खालिस्तान समर्थक के खिलाफ सख्त रासुका लागू किया था.

ऐसी आशंकाएं थीं कि अमृतपाल के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संबंध थे और वह अलग राष्ट्र ‘खालिस्तान’ की मांग के लिए सिख युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की दिशा में काम कर रहा था. अमृतपाल पिछले साल दुबई से लौटा था और कार्यकर्ता-गायक दीप संधू की मौत के बाद वह ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख बना था. संगठन के घोषित उद्देश्यों में युवाओं को मादक पदार्थों की लत से छुटकारा दिलाना शामिल है, लेकिन खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह सिर्फ एक दिखावा है.

अमृतपाल और उसके सहयोगियों के खिलाफ कथित रूप से वैमनस्य फैलाने, हत्या के प्रयास, पुलिस र्किमयों पर हमले और लोक सेवकों के कर्तव्य के निर्वहन में बाधा डालने के लिए कई मामले दर्ज किए गए हैं. अमृतपाल 36 दिन तक फरार रहा. इस बीच, अधिकारियों ने उसके प्रमुख सहयोगियों को गिरफ्तार करके उस पर दबाव बनाना जारी रखा. अमृतपाल ने ब्रिटेन की निवासी किरणदीप कौर से इस साल फरवरी में शादी की थी. हाल में अमृतसर हवाई अड्डे से लंदन जाने वाली एक उड़ान में सवार होने से कौर को रोक दिया गया था.

अमृतपाल के कई समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन उनमें से ज्यादातर को रिहा कर दिया गया, क्योंकि अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने दावा किया कि युवाओं को परेशान किया जा रहा है. अमृतपाल के कथित सहयोगियों में से नौ डिब्रूगढ़ जेल में हैं. इनमें दलजीत सिंह कलसी, पपलप्रीत सिंह, कुलवंत सिंह धालीवाल, वंिरदर सिंह जोहाल, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, हरजीत सिंह, भगवंत सिंह, बसंत सिंह और गुंिरदरपाल सिंह औजला शामिल हैं.

अमृतपाल की गिरफ्तारी तक का घटनाक्रम

कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह को रविवार सुबह पंजाब के मोगा से गिरफ्तार कर लिया गया. उससे जुड़े घटनाक्रम इस प्रकार हैं :
29 सितंबर 2022 : कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह को मोगा के रोडे गांव में ‘दस्तार बंदी’ (पगड़ी बांधना) कार्यक्रम में अभिनेता एवं कार्यकर्ता दीप सिद्धू द्वारा स्थापित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख नियुक्त किया गया. रोडे मृतक आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले का पैतृक गांव है.

12 दिसंबर 2022 : अमृतपाल के समर्थकों ने जालंधर में एक गुरुद्वारे में यह दावा करते हुए कुर्सियां जलायीं कि किसी सिख धर्मस्थल में कुर्सियां और सोफे सिख धर्म की ‘मर्यादा’ के खिलाफ हैं.

10 फरवरी 2023 : अमृतपाल ने अमृतसर में अपने जल्लूपुर खेड़ा गांव में ब्रिटेन में रहने वाली प्रवासी भारतीय किरणदीप कौर से शादी की.

16 फरवरी 2023 : अमृतपाल और लवप्रीत सिंह तूफान समेत उसके समर्थकों पर रूपनगर जिले के चमकौर साहिब के एक निवासी के कथित अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज किया गया.

17 फरवरी 2023 : लवप्रीत सिंह गिरफ्तार.

23 फरवरी 2023 : अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों में से कुछ लोग लवप्रीत सिंह की रिहाई की मांग के साथ तलवार तथा बंदूक लहराते हुए अवरोधक तोड़कर अजनाला थाने में घुस गए थे तथा उनकी पुलिस से झड़प भी हुई थी.

24 फरवरी 2023 : लवप्रीत सिंह न्यायिक हिरासत से रिहा.

18 मार्च 2023 : पंजाब पुलिस ने अमृतपाल तथा उसके साथियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की. जालंधर में उसका काफिला रोका गया, लेकिन वह वाहन बदलकर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. पंजाब में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गयीं.

20 मार्च 2023 : अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने जालंधर के मेहतपुर में एक गुरुद्वारे के समीप पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया.

22 मार्च 2023 : सोशल मीडिया पर अमृतपाल और उसके करीबी साथी पपलप्रीत सिंह की एक मोटरचालित वाहन पर बैठे हुए एक तस्वीर आयी.

23 मार्च 2023 : हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अमृतपाल तथा पपलप्रीत को अपने घर में शरण देने वाली एक महिला पकड़ी गयी.

25 मार्च 2023 : अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अमृतपाल को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए कहा.

28 मार्च 2023 : पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के बाद कुछ संदिग्धों द्वारा एक वाहन छोड़कर जाने के बाद होशियारपुर में अमृतपाल को पकड़ने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया.

29 मार्च 2023 : अमृतपाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें उसने बैसाखी पर ‘सरबत खालसा’ बैठक का आ’’ान किया.

30 मार्च 2023 : अमृतपाल का एक और वीडियो तथा एक आॅडियो क्लिप सामने आया, जिसमें उसने कहा कि वह जल्द ही दुनिया के सामने आएगा.

10 अप्रैल 2023 : अमृतसर के कत्थूनंगल इलाके से पपलप्रीत को गिरफ्तार कर लिया गया.

15 अप्रैल 2023 : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में कट्टरपंथी उपदेशक तथा पपलप्रीत को शरण देने वाले तथा उन्हें 28 मार्च को पंजाब वापस लाने वाले अमृतपाल के एक अन्य करीबी सहयोगी जोगा सिंह को फतेहगढ़ साहिब के सरंिहद से गिरफ्तार कर लिया गया.

20 अप्रैल 2023 : अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर को अमृतसर में श्री गुरु राम दास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लंदन जाने वाले एक विमान में सवार होने से रोक दिया गया.

23 अप्रैल 2023 : अमृतपाल को मोगा जिले के रोडे गांव से गिरफ्तार कर लिया गया.

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