महा विकास आघाडी बहुत मजबूत, शरद पवार के बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़कर पेश किया: संजय राउत

मुंबई. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि त्रिदलीय महा विकास आघाडी (एमवीए) बेहद मजबूत है और उनके सामने राकांपा प्रमुख शरद पवार का यह बयान कभी नहीं आया कि एमवीए टूट जाएगा. राउत ने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी विपक्षी दलों जैसे शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस को तोड़ने का प्रयास कर रही है.

यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एमवीए – जिसमें शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी और कांग्रेस शामिल हैं- के बारे में पवार के बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया. राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘एमवीए बहुत मजबूत है और राज्य भर में एक साथ रैलियां आयोजित कर रहा है.’’ अमरावती में रविवार को संवाददाताओं ने पवार से पूछा कि क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, इस पर उन्होंने कहा कि तीनों पार्टियां एक साथ काम करने की इच्छा रखती हैं और प्रकाश आंबेडकर के वंचित बहुजन अघाडी (वीबीए) के एमवीए में शामिल होने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई.

पवार की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, ‘‘इस समय, एमवीए बेहद मजबूत है और संयुक्त रूप से रैलियां कर रहा है. रैलियां यह संदेश देने के लिए की जा रही हैं कि हम एक हैं. एक मई को मुंबई में एक विशाल रैली होगी जहां सभी दलों (एमवीए के) के सभी वरिष्ठ नेता एक साथ आएंगे.’’ उन्होंने कहा कि एमवीए के निर्माण में शरद पवार ने बड़ी भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक साथ हैं लेकिन पवार विशेष महत्व के पात्र हैं.

राउत ने कहा, ‘‘पवार साहब का मानना है कि अगर हम साथ रहे तो हम 2024 में भाजपा को हरा सकते हैं और बड़ी संख्या में लोकसभा सीटें जीत सकते हैं. मुझे नहीं लगता कि वह (पवार) एमवीए पर ऐसा कोई रुख ले रहे हैं (जैसा कि बताया गया है) क्योंकि हम लगातार चर्चा और विचार-विमर्श करते हैं. मेरे सामने कभी भी उनका ऐसा कोई बयान नहीं आया कि एमवीए नहीं होना चाहिए या इसे टूट जाना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि एमवीए मिलकर चुनाव लड़ेगा. शिवसेना (यूबीटी) नेता ने दावा किया कि भाजपा सभी मजबूत विपक्षी दलों को तोड़ने की कोशिश कर रही है.

राउत ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में शिवसेना हो, कांग्रेस, राकांपा, या पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, वे भाजपा को मजबूत करने के लिए इन सभी दलों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उनके पास कुछ भी मौलिक नहीं है… उनके पास सभी ‘डमी’ हैं. यह जल्द ही खत्म हो जाएगा…भाजपा को वाशिंग मशीन का यह धंधा बंद कर देना चाहिए.’’ शिवसेना (यूबीटी) अक्सर भाजपा को ‘वाशिंग मशीन’ कहकर निशाना बनाती है जिसमें भ्रष्टाचार के मामलों का सामना कर रहे विपक्षी नेता पर उस पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद मामले हट जाते हैं. राउत ने यह भी दावा किया कि पर्दे के पीछे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बदलने की गतिविधियां चल रही हैं, ‘‘क्योंकि शिंदे वह हासिल करने में विफल रहे हैं जो भाजपा चाहती थी.’’

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