
नयी दिल्ली. खानपान की सामग्री घर पर पहुंचाने की सेवा देने वाली कंपनी जोमेटो को ‘लगान’ फिल्म में ‘कचरा’ का दलित किरदार अदा करने वाले अभिनेता को अपशिष्ट वस्तुओं से बनने वाली सामग्री के विज्ञापन में दिखाने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. उसने अनजाने में भावनाओं को आहत करने के लिए बृहस्पतिवार को माफी भी मांगी. विश्व पर्यावरण दिवस पर पांच जून को टेलीविजन पर प्रसारित विज्ञापन में कचरे के लिए फिल्म के पात्र ‘कचरा’ की तस्वीर दिखाई गयी.
सोशल मीडिया पर विज्ञापन की आलोचनाएं शुरू हो गयीं और इसे जातिवादी बताया जाने लगा जिसके बाद कंपनी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से खेद जताया गया और कहा गया कि ”प्लास्टिक कचरे के बारे में जागरुकता फैलाने और हास्यपूर्ण तरीके से पुनर्चक्रण के फायदे बताने का” इरादा था.
इसमें कहा गया, ”हो सकता है कि अनजाने में हमने कुछ समुदायों और लोगों की भावनाओं को आहत किया हो. हमने वीडियो को हटा दिया है.” ट्विटर पर लोगों ने इस विज्ञापन को ‘बेहूदा’, ‘पूरी तरह जातिवादी’ और ‘बेहद असंवेदनशील’ करार दिया. फिल्म ‘मसान’ के निर्देशक नीरज घेवन, फिल्मकार मधुरिता आनंद और दलित इतिहासकार करुण्यकारा लेला ने विज्ञापन के खिलाफ अपने विचार साझा किये.



