
बेंगलुरु. तमिल फिल्म निर्देशक जी. वसंतबालन ने कहा है कि भारत में वर्तमान में दक्षिण भारत की फिल्मों का बोलबाला है. बालन की फिल्म ‘अनीति’ को अब तक की सबसे अधिक ‘डार्क’ फिल्म कहा जा रहा है. ‘डार्क’ फिल्म निर्माण की शैली अलग होती है जिसमें जीवन के अछूते पक्ष को दिखाया जाता है. इस तरह की फिल्मों में प्रकाश का इस्तेमाल अलग शैली में किया जाता है और कथानक जटिल, दर्शन, मनोविज्ञान पर आधारित होते हैं.
वसंतबालन फिल्म उद्योग का जाना माना नाम हैं. वह निर्देशक एस. शंकर की 1993 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जेंटलमैन’ के कई सहायक निर्देशकों में से एक थे. उन्होंने कहा कि इस संबंध में ओटीटी (ओवर द टॉप) मंच पासा पलटने वाले रहे हैं. उन्होंने कहा, ”अच्छी बात ये है कि आज मौके उपलब्ध हैं, अगर आप आश्वस्त हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है. आजकल सिर्फ थिएटर में फिल्मों को रिलीज करना ही विकल्प नहीं है. ऐसे कई मंच उपलब्ध हैं जहां अच्छी कमाई के अवसर हैं.”
वसंतबालन ने कहा, ”जाहिर तौर पर ‘कांतारा’, ‘केजीएफ’ और ‘आरआरआर’ जैसी फिल्मों ने भी दक्षिण भारतीय फिल्मों को इस मुकाम पर पहुंचाने में मदद की है.” वसंतबालन की हालिया फिल्म 21 जुलाई को रिलीज हुई. उन्होंने कहा कि यह फिल्म मनोवैज्ञानिक थ्रिलर से कहीं अधिक है. अपनी साख के अनुरूप वह इस फिल्म में भी सामाजिक अन्याय और असमानताओं की पड़ताल करते हैं, लेकिन उनकी पिछली फिल्मों के विपरीत ‘अनीति’ कुछ ज्यादा ही हिंसक हो जाती है.



