एसजीपीसी ने अभिनेता मिजान जाफरी के ‘कृपाण’ पहने जाने पर कड़ी आपत्ति जतायी

चंडीगढ. सिखों की सर्वोच्च धार्मिक इकाई ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति’ (एसजीपीसी) ने आगामी फिल्म ”यारियां-2” के एक गीत में अभिनेता मिजान जाफरी के ‘कृपाण’ पहनने पर कड़ी आपत्ति जतायी है और फिल्म निर्माताओं को चेतावनी दी है कि अगर इस ”आपत्तिजनक” वीडियो को हटाया नहीं गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, फिल्म निर्देशकों ने दावा किया है कि अभिनेता ने ‘खुकरी’ (एक प्रकार का चाकू) पहना हुआ है न कि ‘कृपाण’ और उनका किसी भी धर्म का अपमान करने का कोई इरादा नहीं है. अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने एसजीपीसी को इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है. एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि एसजीपीसी सचिव प्रताप सिंह ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने को लेकर अमृतसर पुलिस आयुक्त के पास एक शिकायत दर्ज कराई है.

एसजीपीसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ”हम राधिका राव और विनय सप्रू के निर्देशन वाली फिल्म ‘यारियां-2’ के गीत ‘सौरे घर’ में फिल्माए गए इन दृश्यों पर कड़ी आपत्ति जताते हैं जिसमें अभिनेता अत्यधिक आपत्तिजनक तरीके से ‘कृपाण’ (सिख धर्म का प्रतीक) पहने हुए नजर आ रहे हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.”

उसने कहा, ”इसने दुनियाभर में सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को काफी ठेस पहुंचायी है. अकाल तख्त साहिब की सिख आचार संहिता तथा भारत के संविधान द्वारा दिए अधिकार के अनुसार केवल दीक्षा पा चुके सिख को ही ‘कृपाण’ पहनने का अधिकार है.” फिल्म की निर्देशक राधिका राव और विनय सप्रू ने कहा कि उन्हें किसी भी गलतफहमी के लिए खेद है.

उन्होंने कहा, ”हम अपनी हालिया फिल्म ‘यारियां 2’ के ‘सौरे घर’ गीत में दृश्यों के संबंध में चिंताओं को दूर करना चाहते हैं. हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि गीत में अभिनेता ने ‘खुकरी’ पहनी हुई है न कि ‘कृपाण’. फिल्म के संवाद भी यह साफ करते हैं कि यह खुकरी है. हम धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हैं.”

फिल्म निर्देशकों के स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एसजीपीसी ने कहा, “सिख कृपाण और खुकरी के आकार तथा दोनों को शरीर पर पहनने के तरीके को अच्छी तरह जानते हैं. हम आपके अतार्किक स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं.” एसजीपीसी ने कहा, “इसलिए, हम इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं, क्योंकि संबंधित वीडियो गाना अभी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और लगातार सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है.”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button