राजनाथ की दो दिवसीय श्रीलंका यात्रा मजबूत संबंध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव होगी: सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 01 Sep 2023 10:18 PM
राजनाथ की दो दिवसीय श्रीलंका यात्रा मजबूत संबंध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव होगी: सरकार
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. सरकार ने शुक्रवार को कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की 2-3 सितंबर को होने वाली दो दिवसीय श्रीलंका यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता का मजबूत बंधन बनाने में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी. करीब पांच दशक में किसी भारतीय रक्षा मंत्री की संभवत: यह पहली श्रीलंका यात्रा है.

सिंह की यात्रा से एक दिन पहले भारतीय नौसेना का पहला स्वदेश निर्मित मिसाइल विध्वंसक पोत ‘आईएनएस दिल्ली’ कोलंबो पहुंचा और भारतीय रक्षा मंत्री शनिवार को इस पर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से बातचीत कर सकते हैं. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

श्रीलंका की नौसेना ने नौसैन्य परंपराओं के अनुसार 163.2 मीटर लंबे विध्वंसक पोत का स्वागत किया. इस पर 450 सदस्यों का चालक दल है इसके कैप्टन अभिषेक कुमार हैं. यह जानकारी श्रीलंकाई नौसेना ने एक बयान में दी. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सिंह श्रीलंका की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति विक्रमसिंघे और प्रधानमंत्री दिनेश गुणावर्द्धने से बातचीत करेंगे. विक्रमसिंघे श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय का कामकाज भी देख रहे हैं.

भारतीय नौसेना ने कहा कि आईएनएस दिल्ली पर सवार भारतीय टुकड़ी ‘भारतीय शांति रक्षण बल’ (आईपीकेएफ) स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन बैठकों में दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों के संपूर्ण आयाम की समीक्षा की जाएगी.

बयान के अनुसार राजनाथ सिंह मध्य श्रीलंका में स्थित नुवरा एलिया और पूर्वी हिस्से में स्थित त्रिंकोमाली का दौरा भी करेंगे.
मंत्रालय के अनुसार, ”राजनाथ सिंह की यात्रा में श्रीलंका के साथ मौजूदा दोस्ताना संबंधों को विस्तार देने की भारत की सतत प्रतिबद्धता को दोहराया जाएगा.” श्रीलंका पर प्रभाव बढ़ाने की चीन की कोशिशों को लेकर चिंताओं के बीच भारत द्वीपीय देश के साथ समग्र रणनीतिक संबंधों का विस्तार कर रहा है.

पिछले साल अगस्त में हम्बनटोटा बंदरगाह पर चीनी मिसाइल और उपग्रह निगरानी जहाज ‘युआन वांग’ को खड़ा किये जाने के बाद भारत और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक तनाव पैदा हो गया था. एक और चीनी युद्धपोत पिछले महीने कोलंबो बंदरगाह पर पहुंचा था.
वहीं, भारत ने पिछले साल अगस्त में श्रीलंका को एक डॉर्नियर समुद्री निगरानी विमान सौंपा था. श्रीलंका की तत्काल सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारतीय नौसेना के बेड़े से विमान दिया गया था.

मित्र देशों को चिकित्सा आपूर्ति के लिए शुरू की गयी भारत की पहल ‘आरोग्य मैत्री’ के तहत सिंह श्रीलंका को कुछ चिकित्सा आपूर्ति भी सौंपेंगे. नौसेना ने एक बयान में कहा, ”जहाज की यात्रा का उद्देश्य भारत के विश्वस्त पड़ोसी के साथ मित्रता के सेतुओं को और नौसेनाओं के बीच संबंधों को मजबूत करना है.” उसने कहा कि इस पोत पर स्कूली बच्चे और अन्य स्थानीय पर्यटक भ्रमण कर सकेंगे.

भारत स्वदेश निर्मित अपतटीय गश्ती वाहन (ओपीवी) देने समेत श्रीलंका के रक्षा बलों के अनेक क्षमता निर्माण उपायों का समर्थन कर रहा है. श्रीलंकाई राष्ट्रपति विक्रमसिंघे जुलाई में भारत यात्रा पर आये थे और इस दौरान दोनों पक्षों ने अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया था. श्रीलंका में पिछले साल गंभीर आर्थिक संकट पैदा होने के बाद से यह किसी श्रीलंकाई नेता की पहली भारत यात्रा थी.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu