
नयी दिल्ली. जानी-मानी अभिनेत्री वहीदा रहमान को भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए इस वर्ष के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को यह जानकारी दी. दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में देश का सर्वोच्च पुरस्कार है. भारत की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली वहीदा रहमान ने ‘प्यासा’, ‘सीआईडी’, ‘गाइड’, ‘कागज के फूल’, ‘खामोशी’ और ‘त्रिशूल’ समेत कई फिल्मों में अभिनय किया है.
उन्होंने दिवंगत अभिनेता देव आनंद की जन्म शती के मौके पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मुझे दोगुनी खुशी है क्योंकि यह देव आनंद का जन्मदिन है. मुझे लगता है कि तोहफा उनको मिलना था, मुझे मिल गया.” अनुराग ठाकुर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस पुरस्कार के संबंध में घोषणा की.
उन्होंने लिखा, ”मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी और सम्मान महसूस हो रहा है कि वहीदा रहमान जी को भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए इस वर्ष प्रतिष्ठित ‘दादा साहब फाल्के लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा रहा है.” वर्ष 2021 के लिए यह पुरस्कार 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा. पुरस्कार के पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल में वहीदा रहमान की करीबी और पिछले साल इस सम्मान की विजेता आशा पारेख, अभिनेता चिरंजीवी, परेश रावल, प्रसन्नजीत चटर्जी और फिल्मकार शेखर कपूर थे.
वहीदा रहमान (85) ने 1955 में तेलुगु फिल्मों ‘रोजुलु मारायी’ और ‘जयसिम्हा’ से अभिनय के क्षेत्र में पदार्पण किया था. उन्होंने 1956 में ‘सीआईडी’ फिल्म के जरिए हिंदी सिनेमा में कदम रखा. इस फिल्म में देवानंद ने भी अभिनय किया था. वहीदा रहमान ने पांच दशक से अधिक के अपने कॅरियर में विभिन्न भाषाओं में 90 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया. उन्हें ‘रेशमा और शेरा’ (1971) में उत्कृष्ट अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया. उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है.
ठाकुर ने सोशल मीडिया मंच के जरिए कहा कि जब संसद ने ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया है, तो ऐसे में भारतीय सिनेमा की शीर्ष महिलाओं में शुमार वहीदा रहमान को इस ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से नवाजा जाना और भी उपयुक्त है. उन्होंने कहा कि वहीदा रहमान ने फिल्मों के बाद अपना जीवन परोपकार और समाज के कल्याण के लिए सर्मिपत कर दिया.
उन्होंने कहा, ”मैं उन्हें बधाई देता हूं और उनके उस उत्कृष्ट कार्य के प्रति विनम्रतापूर्वक सम्मान व्यक्त करता हूं जो हमारे फिल्म इतिहास का एक अहम हिस्सा है.” बेंगलुरु में रहने वाली वहीदा रहमान चुनिंदा फिल्मों में ही काम करती थीं. 1990 और 2000 के दशकों में उन्होंने ‘लमहे’, ‘चांदनी’, ‘रंग दे बसंती’ और ‘दिल्ली-6’ में चरित्र भूमिकाएं अदा कीं. उन्होंने 2021 में रिलीज हुई ‘स्केटर गर्ल’ फिल्म में आखिरी बार अभिनय किया था.
भारतीय सिनेमा में वहीदा रहमान के सफर ने अमिट छाप छोड़ी है : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अभिनेत्री वहीदा रहमान को दादा साहब फाल्के लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए चुने जाने पर खुशी व्यक्त करते हुए मंगलवार को उन्हें ‘प्रतिभा, समर्पण एवं शालीनता का प्रतीक’ बताया और कहा कि उनमें ‘हमारी सिनेमाई विरासत की सबसे बड़ी खासियत’ है.
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ”बड़ी खुशी है कि वहीदा रहमान जी को दादा साहब फाल्के लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार के लिए चुना गया है. भारतीय सिनेमा में उनके सफर ने अमिट छाप छोड़ी है. वह प्रतिभा, समर्पण और शालीनता की प्रतीक हैं तथा उनमें हमारी सिनेमाई विरासत की सबसे बड़ी खासियत है. उन्हें बधाई.” वहीदा रहमान ने 68 साल पहले सिनेमाजगत में कदम रखा था और उन्होंने ‘प्यासा’, ‘गाइड’ जैसी यादगार फिल्में की. मंगलवार को उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया. वहीदा ने दिवंगत अभिनेता देव आनंद की जन्मशती के मौके पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मुझे दोगुनी खुशी है, क्योंकि यह देव आनंद का जन्मदिन है. मुझे लगता है कि तोहफा उनको मिलना था, मुझे मिल गया.”



