नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को इस आरोप के लिए कांग्रेस की आलोचना की कि मोदी सरकार ने गंगाजल पर 18 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया है. भाजपा ने कहा कि कांग्रेस गलत सूचना फैला रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया है जो लूट और पाखंड की पराकाष्ठा है.
भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस को ”चुनावी हिंदू पार्टी” बताते हुए कहा कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी हिंदुओं के प्रति चिंता का दिखावा कर रही है. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि गंगाजल पर कोई जीएसटी नहीं लगता है.
सीबीआईसी ने सोशल नेटर्विकंग मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “देशभर में घरों में पूजा-पाठ में उपयोग होने वाले गंगाजल और अन्य पूजा-सामग्री को जीएसटी से छूट दी गई है. जीएसटी लागू होने के बाद से ही ये सभी वस्तुएं जीएसटी के दायरे से बाहर हैं.” मालवीय ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में कहा, ”खरगे जी, अधिसूचना 2/2017 की प्रविष्टि 99 के तहत स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पानी पर शून्य जीएसटी लगता है. जीएसटी परिषद ने 28-29 जून, 2022 को आयोजित अपनी 47वीं बैठक में इसे और स्पष्ट किया था.”
भाजपा नेता ने कहा कि 2017 में जीएसटी की शुरुआत के बाद से ‘पूजा सामग्री’ जीएसटी मुक्त है. उन्होंने कहा कि हाल की किसी भी अधिसूचना में पानी की बोतलों या गंगाजल पर जीएसटी दर में बदलाव का कोई संकेत नहीं दिया गया है. मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इन तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रही है. भाजपा नेता ने कांग्रेस को ”चुनावी हिंदू पार्टी” बताया और आरोप लगाया कि वह हिंदुओं के लिए चिंता का दिखावा कर रही है, जबकि उसने ”दशकों से हिंदुओं के लिए कोई समर्थन नहीं” दिखाया है. वह गलत सूचनाएं फैला रही है.”
खरगे ने गंगाजल पर 18% GST लगाने का दावा किया, सीबीआईसी का इनकार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने गंगाजल पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया है जो लूट और पाखंड की पराकाष्ठा है. खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड दौरे का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ” मोदी जी, एक आम भारतीय के जन्म से लेकर उसके जीवन के अंत तक मोक्षदायिनी माँ गंगा का महत्त्व बहुत ज़्यादा है. अच्छी बात है कि आप आज उत्तराखंड में हैं, पर आपकी सरकार ने तो पवित्र गंगाजल पर ही 18 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया है. एक बार भी नहीं सोचा कि जो लोग अपने घरों में गंगाजल मंगवाते हैं, उन पर कितना बोझ पड़ेगा. ”
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ” यही आपकी सरकार के लूट और पाखंड की पराकाष्ठा है.” सीबीआईसी ने सोशल नेटर्विकंग मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ह्लदेशभर में घरों में पूजा-पाठ में उपयोग होने वाले गंगाजल और अन्य पूजा-सामग्री को जीएसटी से छूट दी गई है. जीएसटी लागू होने के बाद से ही ये सभी वस्तुएं जीएसटी के दायरे से बाहर हैं.”