
लुसाने. भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मिडफील्डर हार्दिक सिंह और महिला टीम की कप्तान सविता को मंगलवार को एफआईएच (अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ) के सालाना पुरस्कार में साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और साल की सर्वश्रेष्ठ महिला गोलकीपर चुना गया.
विजेताओं का चयन एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया जाता है जिसमें राष्ट्रीय संघ (राष्ट्रीय टीमों के कप्तान और कोच), मीडिया के प्रतिनिधियों के अलावा प्रशंसकों का मतदान शामिल होता है.
देश के लिए 114 मैच खेल चुके हार्दिक को भारतीय हॉकी का भविष्य माना जाता है. उनके खेल में इसकी झलक भी दिखी है. वह तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य थे और इसके बाद से उनके खेल में लगातार सुधार हुआ है.
हार्दिक का यह साल का दूसरा बड़ा पुरस्कार है. उन्हें इससे पहले हॉकी इंडिया ने साल 2022 के लिए बलबीर सिंह सीनियर पुरस्कार (साल का सर्वश्रेष्ठ भारतीय खिलाड़ी) से सम्मानित किया था.
भारतीय टीम के इस उपकप्तान ने कहा, ”जब आपके पास एक बेहतरीन टीम होती है, तो वे आपके खेल को बेहतर और जीवन को आसान बना देती है. मैं उन सभी का आभारी हूं जिन्होंने मेरे लिए मतदान किया. मैं इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करने के लिए पूरी टीम और हॉकी इंडिया का आभारी हूं.” सविता ने लगातार तीसरी बार इस खिताब को अपने नाम किया है. भारतीय गोलकीपर 2023 में शानदार लय में रही है. ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैचों से लेकर हांग्झोउ एशियाई खेलों में उन्होंने लगातार प्रभावित किया.
इस 33 साल की खिलाड़ी ने अक्टूबर में भारत में आयोजित एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को चैम्पियन बनने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, “मैं सभी साथियों और सहयोगी स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करती हूं जिन्होंने खिलाड़ी और इंसान के रूप में मुझे आगे बढ़ने में मदद की. यह पुरस्कार मुझे कड़ी मेहनत करने और अपने देश के लिए और अधिक सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा. उन सभी को धन्यवाद जिन्होंने मुझे मतदान किया.”
नीदरलैंड की जैन डी वार्ड को साल की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी चुना गया. नीदरलैंड के गोलकीपर पिरमिन ब्लैक को पुरुषों के वर्ग में साल का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया. टेरेसा लीमा (स्पेन) और गैसपार्ड जेवियर (फ्रांस) क्रमश: महिला और पुरुष वर्ग में साल के सर्वश्रेष्ठ उभरते हुए खिलाड़ी चुने गये. चीन की महिला टीम की मुख्य कोच एलिसन अन्नान और जर्मनी की पुरुष टीम के मुख्य कोच आंद्रे हेनिंग साल के सर्वश्रेष्ठ कोच चुने गये. अयाना मैक्लीन (त्रिनिदाद और टोबैगो) और बेन गॉन्टगेन (जर्मनी) को साल के सर्वश्रेष्ठ अंपायर का पुरस्कार मिला.



