‘मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल’ से जुड़े संशोधनों में पहली सफलता मनमोहन सिंह के कार्यकाल मिली थी: रमेश

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 25 Dec 2023 07:34 PM
‘मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल’ से जुड़े संशोधनों में पहली सफलता मनमोहन सिंह के कार्यकाल मिली थी: रमेश
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नयी दिल्ली. कांग्रेस महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि हाइड्रोफ्लोरोकार्बन की खपत और उत्पादन को कम करने से संबंधित ‘मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल’ में महत्वपूर्ण संशोधन भले ही अक्टूबर, 2016 में किए गए, लेकिन इससे जुड़ी पहला सफलता 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समय मिली थी जब उस वक्त के अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ उनका साझा बयान जारी हुआ था.

रमेश ने दावा किया कि आज देश की सत्ता में बैठे लोगों ने उस समय सरकार के रुख की आलोचना की थी, लेकिन 2014 में ओबामा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साझा बयान में वस्तुत? ‘ओबामा-सिंह समझौते’ को दोहराया गया. रमेश ने दोनों साझा बयानों का उल्लेख करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”जब दुनिया प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से चिंतित है, वैसे समय पर्यावरण पर एक अच्छी खबर कुछ खुशी लाती है. ऐसा लगता है कि पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने वाली ओजोन परत 2040 तक दुनिया के अधिकांश हिस्सों में अपने 1980 के स्तर पर बहाल हो जाएगी.” उनका कहना था कि इसका कारण हाइड्रोफ्लोरोकार्बन की खपत और उत्पादन को कम करने से संबंधित ‘मॉ्ट्रिरयल प्रोटोकॉल’ है जो 1989 में प्रभाव में आया और जिसमें अक्टूबर, 2016 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए.

रमेश ने कहा, ”मुझे याद है कि भारत को इन संशोधनों पर सहमत होने में कितना समय लगा था. पहली सफलता 27 सितंबर, 2013 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उस समय के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साझा वक्तव्य के माध्यम से सामने आई.” उन्होंने दावा किया, ”आज सत्ता में बैठे लोगों द्वारा उस समय भारत के रुख में बदलाव की तत्काल आलोचना की गई. लेकिन राष्ट्रपति ओबामा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साझा बयान में वस्तुत? ‘ओबामा-सिंह समझौते’ को दोहराया गया.” भाषा हक

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