यह मेरे आदर्शों एवं सिद्धांतों का सम्मान : भारत रत्न मिलने पर आडवाणी ने कहा

नयी दिल्ली/संबलपुर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह न केवल उनका, बल्कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा.

इस घोषणा के बाद आडवाणी (96) ने कहा कि यह एक व्यक्ति के रूप में न केवल उनका, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है, जिनका पालन करने का उन्होंने प्रयास किया. आडवाणी ने एक बयान में कहा, ”मैं अत्यंत विनम्रता और कृतज्ञता के साथ आज मुझे दिए गए ‘भारत रत्न’ को स्वीकार करता हूं.”

भाजपा के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे आडवाणी ने कहा, ”14 वर्ष की उम्र में आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) में शामिल होने के बाद से जीवन में मुझे जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे निभाते हुए अपने प्रिय देश की सर्मिपत और निस्वार्थ सेवा करने में ही मुझे खुशी मिली.” उन्होंने कहा कि जिस चीज ने उनके जीवन को प्रेरित किया है वह आदर्श वाक्य है: ”यह जीवन मेरा नहीं है. मेरा जीवन मेरे राष्ट्र के लिए है.” आडवाणी ने कहा कि आज वह दो व्यक्तियों – पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को कृतज्ञतापूर्वक याद कर रहे हैं, जिनके साथ उन्हें करीब से काम करने का मौका मिला. इन दोनों नेताओं को पहले ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जा चुका है.

आडवाणी ने कहा, ”मुझे भारत रत्न देने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक धन्यवाद देता हूं.” उन्होंने लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं, आरएसएस स्वयंसेवकों और अन्य लोगों का भी आभार व्यक्त किया. आडवाणी ने कहा, ”मैं अपने परिवार के सभी सदस्यों, विशेषकर अपनी दिवंगत प्रिय पत्नी कमला के प्रति अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त करता हूं. ये मेरे जीवन में शक्ति का सबसे बड़ा स्रोत रहे हैं.”

इससे पहले, मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”हमारे समय के सबसे सम्मानित नेताओं में शामिल आडवाणी का भारत के विकास में महान योगदान है. उन्होंने अपने जीवन में जमीनी स्तर पर काम करने से शुरुआत कर उप प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की.” प्रधानमंत्री ने कहा कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना ”मेरे लिए एक बहुत ही भावुक क्षण” है.

उन्होंने कहा, ”आडवाणी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में दशकों तक सेवा करते हुए पारर्दिशता और अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता जताई और राजनीतिक नैतिकता में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया. उन्होंने राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को आगे बढ़ाने की दिशा में अद्वितीय प्रयास किए हैं.” मोदी ने कहा, ”उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है. मैं इसे हमेशा अपना सौभाग्य मानूंगा कि मुझे उनके साथ बातचीत करने और उनसे सीखने के अनगिनत अवसर मिले.” प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि आडवाणी को यह सम्मान दिया जाएगा. सरकार ने पिछले महीने समाजवादी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की घोषणा की थी.

आडवाणी ने परिवारवाद की राजनीति को चुनौती दी, भारत के लोकतंत्र के लिए लड़े : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने परिवारवाद की राजनीति को चुनौती दी और भारत के लोकतंत्र को सर्व-समावेशी एवं राष्ट्रवादी विचारधाराओं से जोड़ा. ओडिशा के संबलपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पूर्व उप प्रधानमंत्री आडवाणी को भारत रत्न ‘राष्ट्र प्रथम’ की विचारधारा का सम्मान है.

उन्होंने कहा, ”आडवाणी एक पार्टी के चंगुल से लोकतंत्र को मुक्त कराने के लिए लगातार लड़े और सबका मार्गदर्शन किया. उन्होंने परिवारवाद की राजनीति को चुनौती दी और भारत के लोकतंत्र को सर्व-समावेशी एवं राष्ट्रवादी विचारधाराओं से जोड़ा.” मोदी ने यह भी कहा कि केंद्रीय बजट का लक्ष्य देश के गरीब लोगों को सशक्त करना है. संसद में दो दिन पहले अंतरिम बजट पेश किया गया था.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 25 करोड़ लोगों को पिछले 10 वर्षों में गरीबी से बाहर निकाला गया. उन्होंने अपनी सरकार द्वारा की गई कई पहल को रेखांकित किया और वादा किया कि विकास कार्य इसी गति से जारी रहेंगे. उन्होंने कहा, ”मोदी की गारंटी वहां से शुरू होती है, जहां सभी उम्मीदें खत्म हो जाती हैं.”

Related Articles

Back to top button