
रायगढ़. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के दो सूत्री कार्यक्रम हैं -अन्याय को बढ़ावा देना और नफरत तथा हिंसा फैलाना. राहुल की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ ओडिशा से छत्तीसगढ़ पहुंची, जहां उन्होंने रायगढ़ जिले के रेंगालपाली गांव में एक जनसभा को संबोधित किया.
छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए नवंबर 2023 में हुए चुनाव और पार्टी की सत्ता से विदाई के बाद राहुल गांधी का राज्य का यह पहला दौरा है. कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्म अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से ताल्लुक रखने वाले परिवार में नहीं हुआ, क्योंकि उनकी जाति ‘घांची’ को गुजरात की भाजपा सरकार ने 2000 में ओबीसी में शामिल किया था.
राहुल गांधी ने कहा कि एक साल पहले, भाजपा के ‘नफरत फैलाने और हिंसा का माहौल बनाने’ के कृत्य के खिलाफ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक (2022-23 में) लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की थी. उन्होंने कहा कि अब भारत जोड़ो न्याय यात्रा लोगों के न्याय की मंशा के साथ शुरू हुई है. राहुल गांधी ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से खूबसूरत नारा ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’निकला. यह नारा कांग्रेस की विचारधारा को प्रकट करता है.
केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य ने कहा, ” उन्होंने नफरत की दुकान खोली है और हमने मोहब्बत की दुकान. वे हिंसा का बाजार चलाते हैं, हम अहिंसा की दुकान.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”लोगों की मांग पर, हमने यात्रा का दूसरा संस्करण शुरू करने का फैसला किया और इसमें ‘न्याय’ शब्द जोड़ा और इस प्रकार यह ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ है. पहली यात्रा में हमने पाया कि विभिन्न वर्गों, भाषाओं, राज्यों, महिलाओं, किसानों और मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है. अन्याय और नफरत-हिंसा के बीच एक संबंध है. अन्याय के बिना नफरत नहीं फैल सकती.”
उन्होंने कहा, ” भाजपा के दो सूत्री कार्यक्रम हैं. अन्याय को बढ़ावा देना और नफरत तथा हिंसा फैलाना.” उन्होंने कहा कि यात्रा का दूसरा संस्करण न्याय के लिए है, जो आर्थिक और सामाजिक संदर्भ में है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि देश पिछले 40 साल के उच्चतम बेरोजगारी दर का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ रही है, सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है, आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है और लोग ‘आर्थिक अन्याय’का सामना कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ” यह बेरोजगारी क्यो हैं? यह इसलिए है, क्योंकि सबकुछ अडाणी को दिया जा रहा है. आपकी संपत्ति उनके सुपुर्द की जा रही है. आप जीएसटी (माल एवं सवा कर) भरते हैं और वह सीधे अडाणी की जेब में चला जाता है.” देश में जाति आधारित गणना कराने की पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राहुल ने कहा ,”जब मोदी जी कहते हैं कि देश में केवल दो ही जातियां हैं-गरीब और अमीर, तो फिर वह ओबीसी कहां से हो गए…. ? मोदी जी का जन्म अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से ताल्लुक रखने वाले परिवार में नहीं हुआ. मोदी जी की जाति ‘घांची’ को वर्ष 2000 में गुजरात की तत्कालीन भाजपा सरकार ने ओबीसी (सूची) में शामिल किया था. आपके प्रधानमंत्री ओबीसी नहीं हैं. वह अपनी पहचान ओबीसी के रूप में बताते रहें, लेकिन वह ओबीसी नहीं हैं, बल्कि सामान्य श्रेणी से हैं.” कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि एक पत्रकार ने बुधवार को ओडिशा में उनसे पूछा कि क्या वह जाति आधारित गणना के बारे में बात करके देश को विभाजित कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ” मैंने कहा कि उनका सवाल अच्छा है, लेकिन क्या मैं इसका जवाब देने से पहले एक सवाल पूछ सकता हूं जिसके जवाब में उन्होंने कहा, हां. मैंने उनसे पूछा कि देश में कितने ओबीसी, आदिवासी और दलित मीडिया संगठनों के मालिक हैं. वह (पत्रकार) चुप हो गए और एक शब्द तक नहीं बोला.” उन्होंने कहा कि देश की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी ओबीसी श्रेणी की है, 15 प्रतिशत दलित और आठ प्रतिशत आदिवासी हैं.
राहुल गांधी ने दावा किया, ” इस 73 प्रतिशत आबादी की मीडिया में, 200 शीर्ष कॉरपोरेट में, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और 90 नौकरशाहों में आवाज नहीं है…आप इस 73 प्रतिशत (आबादी) को कुछ भी नहीं दे रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”सबसे पहले हमें इनकी सटीक संख्या की जानकारी होनी चाहिए.” राहुल गांधी ने कहा कि सामान्य श्रेणी के गरीब भी इसमें शामिल हैं.
कांग्रेस नेता ने दावा किया,”अडाणी की कंपनी में आपको सामान्य वर्ग के गरीब या ओबीसी, दलित और आदिवासी नहीं मिलेंगे.” उन्होंने कहा कि जिस दिन इन वर्गों के लोग वहां दिख जाएंगे, वह जाति आधारित गणना की मांग नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ”हम यह स्वीकार नहीं करेंगे कि देश की 73 प्रतिशत आबादी को कुछ भी नहीं मिले. यह यात्रा उनके लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए है.” इस अवसर पर कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
यात्रा का स्वागत छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर रेंगालपाली जांच चौकी पर गर्मजोशी से किया गया. दो दिनों के विराम के बाद यह यात्रा 11 फरवरी को रायगढ़ से दोबारा शुरू होगी. कांग्रेस ने जनता तक पहुंचने के लि 14 जनवरी को मणिपुर से इस यात्रा की शुरुआत की थी और यात्रा का समापन 20 मार्च को मुंबई में होगा.



