Stray Dog: मद्रास हाईकोर्ट भी आवारा कुत्तों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है

Stray Dog: मद्रास हाईकोर्ट भी आवारा कुत्तों से निपटने के लिए कड़े कदम उठा सकता है। यह मामला बहुत गंभीर है और जल्द से जल्द कार्रवाई जरूरी है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अब मद्रास हाईकोर्ट ने भी संकेत दिए हैं कि वे भी इस मुद्दे पर कड़ा कदम उठा सकते हैं।

मामले का मकसद
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कहा कि वे तमिलनाडु सरकार से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को लागू करने को कह सकते हैं। इसमें आवारा कुत्तों के हमले और खतरनाक स्थिति का जिक्र है।


आवारा कुत्तों का खतरनाक आंकड़ा

कितने मामले?
इस साल तमिलनाडु में करीब 3.67 लाख कुत्तों के काटने के मामले सामने आए हैं।

मौत की संख्या
इनमें से 20 लोगों की रेबीज से मौत हो चुकी है।

क्या कह रहे हैं?
इससे पता चलता है कि यह समस्या गंभीर है और जल्द कदम उठाने की जरूरत है।


सुनवाई के दौरान क्या कहा गया?

मुद्दे पर विचार
हाईकोर्ट ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अध्ययन करेंगे। उसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे।

पशु कल्याण पर चिंता
पशु कार्यकर्ता कहते हैं कि कुत्तों को आश्रय देना जरूरी है। लेकिन यदि बहुत अधिक कुत्ते होंगे, तो यह भी समस्या बनेगा।

क्या सुझाव हैं?
पशु कार्यकर्ता कहते हैं कि नसबंदी और टीकाकरण अभियान चलाना चाहिए ताकि समस्या कम हो।


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

क्या कहा गया?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि स्थानीय निकाय आवारा कुत्तों की नसबंदी करें और रेबीज को रोकें।

अगले कदम
8 हफ्तों में आश्रय स्थल बनाने की जानकारी दें। आवारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय में रखना चाहिए।

रिपोर्टिंग
हर दिन आवारा कुत्तों का रिकॉर्ड रखें और किसी भी घटना की रिपोर्ट तुरंत करें।

हेल्पलाइन
एक हेल्पलाइन भी बनाई जाए ताकि लोग कुत्तों के काटने की रिपोर्ट तुरंत दे सकें।

 

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