
नयी दिल्ली. केंद्रीय सूचना प्रसारण (आईटी) और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) में वैश्विक चुनौतियों से निपटने और दुनियाभर में जीवन स्तर बेहतर करने की क्षमता है. ‘कृत्रिम मेधा पर वैश्विक साझेदारी (जीपीएआई) सम्मेलन 2023’ में संबोधित करते हुए वैष्णव ने इसे एआई पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया.
वैष्णव ने कहा कि एआई से चुनौतियां भी आती हैं क्योंकि यह भौगोलिक सीमाओं को नहीं मानती है. उन्होंने कहा, “एआई जैसी बदलाव लाने प्रौद्योगिकियां इस बात पर सवाल उठाती हैं कि समाज को ऐसे विकास पर कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए.” वैष्णव ने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी के लोकतांत्रीकरण और समावेशी वृद्धि के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है.



