भारत के सभी सैनिकों को 10 मई से पहले वापस भेजा जाएगा : राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 05 Feb 2024 08:31 PM
भारत के सभी सैनिकों को 10 मई से पहले वापस भेजा जाएगा : राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू
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माले. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोमवार को कहा कि देश से भारतीय सैनिकों का पहला समूह 10 मार्च से पहले जबकि दो विमानन प्लेटफॉर्म पर तैनात शेष भारतीय सैनिकों को 10 मई तक वापस भेज दिया जाएगा. चीन समर्थक नेता माने जाने वाले मुइज्जू ने संसद में दिए पहले संबोधन में कहा कि उनका मानना है कि मालदीव के नागरिकों का एक बड़ा हिस्सा इस उम्मीद से उनके प्रशासन का समर्थन करता है कि वे देश से विदेशी सेना की मौजूदगी समाप्त कर देंगे.

मुइज्जू ने 17 नवंबर को मालदीव के नये राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद भारत से 15 मार्च तक अपने सैन्यर्किमयों को उनके देश से वापस बुलाने का औपचारिक अनुरोध किया था. उन्होंने कहा था कि मालदीव की जनता ने उन्हें नयी दिल्ली से यह अनुरोध करने के लिए ”मजबूत जनादेश” दिया है. पिछले साल सितंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में 45 वर्षीय मुइज्जू ने भारत समर्थक माने जाने वाले इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराया था.

मुइज्जू की सरकार पिछली सरकार के दौरान भारत के साथ किए गए 100 से अधिक द्विपक्षीय समझौतों की भी समीक्षा कर रही है.
संसद में बहुमत प्राप्त मुख्य विपक्षी दल मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने रविवार को घोषणा की थी कि वह इस साल की संसद की पहली बैठक में मुइज्जू के संबोधन का बहिष्कार करेगी.

राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार मालदीव के खोए हुए क्षेत्र को पुन? प्राप्त करेगी, और ऐसे किसी भी समझौते को समाप्त कर देगी जो देश की संप्रभुता को कमजोर कर सकता है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने थल, वायु और समुद्री क्षेत्रों को शामिल करते हुए एक व्यापक राष्ट्रीय रक्षा रणनीति बनाने के लिए अपनी आधुनिक सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने की मालदीव की आवश्यकता को स्पष्ट किया.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुइज्जू ने संसद को बताया कि “भारतीय सैनिकों की वापसी के लिए कूटनीतिक बातचीत जारी है.” उन्होंने कहा, ”हालिया बातचीत के अनुसार, तीन विमानन प्लेटफॉर्म में से एक पर तैनात सैन्य र्किमयों को 10 मार्च 2024 से पहले वापस बुलाया जाएगा. बाकी के दो प्लेटफॉर्म पर तैनात सैन्य र्किमयों को भी 10 मई 2024 तक वापस बुलाया जाएगा.”

राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि वह दूसरे देशों को मालदीव के महासागरों और समुद्र तटों को मापने और मानचित्र बनाने की अनुमति देने वाले समझौते को नवीनीकृत नहीं करेगी. नए चरण की द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत ने दो फरवरी को कहा था कि द्वीप देश में भारतीय सैन्य प्लेटफॉर्म का संचालन जारी रखने के लिए एक परस्पर स्वीकार्य समाधान पर मालदीव के साथ सहमति बनी है.

अभी भारतीय सैन्यकर्मी मुख्य रूप से दो हेलीकॉप्टर और एक विमान का संचालन करने के लिए मालदीव में हैं. इनके जरिये सैकड़ों चिकित्सीय बचाव एवं मानवीय सहायता मिशन को पूरा किया गया है. भारतीय प्लेटफॉर्म पिछले कुछ वर्षों से मालदीव के लोगों को मानवीय और चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराते रहे हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि उनका प्रशासन ऐसा कुछ भी नहीं करेगा जिससे देश की संप्रभुत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता होता हो. उन्होंने कहा कि यदि इससे देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता को खतरा होता है तो वह दृढ़ रहेंगे और किसी भी परिस्थिति में बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे.

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