
नयी दिल्ली. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे के बढ़ते र्टिमनल क्षेत्रों की सुरक्षा और यात्रियों की भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए एयरपोर्ट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 1,400 अतिरिक्त कर्मी तैनात करने की मंजूरी दे दी गई है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), आव्रजन ब्यूरो व अन्य हिताधारकों की एक बैठक हुई. यह बैठक विशेष रूप से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत बड़े हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए किए गए उपायों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी.
बैठक के दौरान बताया गया कि सीआईएसएफ के 1,400 अतिरिक्त जवान जल्द ही इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात किए जाएंगे, जहां तीन र्टिमनलों -1, 2 और 3 – और कार्गो क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है. र्टिमनल 1 का नवीनीकरण और विस्तार अगले साल दिसंबर या जनवरी 2024 तक पूरा होने वाला था, लेकिन सरकार चाहती है कि इसे तेजी से पूरा करते हुए नवंबर 2023 में खत्म कर दिया जाए.
अधिकारियों ने कहा कि आईजीआई के विस्तार वाले क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सीआईएसएफ र्किमयों की आवश्यकता होगी और इसलिए यह फैसला लिया गया है. नागर विमानन मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि दिल्ली हवाई अड्डे पर भीड़ को कम करने के लिए उठाए गए जरूरी कदमों के बाद अब यात्रियों को ‘बोर्डिंग’ के लिए जांच चौकियों और प्रवेश द्वारों पर लगने वाले समय में कमी आई है.
वहीं, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा था कि प्रमुख हवाईअड्डों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए सभी एजेंसियां पिछले 24-36 घंटों से मुस्तैद हैं. उन्होंने कहा था, ”र्टिमनल-3 के प्रवेश द्वार और ‘चेक-इन काउंटरों’ पर भीड़ कम हो गई है. चार अतिरिक्त एक्स-रे मशीनें लगाई गई हैं, प्रतीक्षा समय के बारे में बताने के लिए ‘डिस्प्ले बोर्ड’ लगाए गए हैं. सीआईएसएफ र्किमयों की तैनाती पहले ही शुरू हो चुकी है, और अगले कुछ दिनों में इसमें वृद्धि होगी.”



