ईटानगर/नयी दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में शुक्रवार को सुबह सेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें चार सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैन्यकर्मी की तलाश जारी है. सेना के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा चार सैन्यर्किमयों के शव चीन से लगी सीमा से 35 किलोमीटर की दूरी पर घने जंगल से बरामद किये गये. प्रवक्ता ने कहा कि हादसे के कारण का अभी पता नहीं चल सका है.
एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) डब्ल्यूएसआई पर दो पायलट समेत पांच सैन्यकर्मी नियमित उड़ान के तहत सवार थे. अधिकारी ने बताया कि घटना जिला मुख्यालय टूंिटग से 25 किलोमीटर दूर मिंिगग के पास ंिसंिगग में पूर्वाह्न करीब 10 बजकर 43 मिनट पर हुई.
सेना के हेलीकॉप्टर को एचएएल रुद्र के नाम से भी जाना जाता है, जिसने निचले सियांग जिले के लिकाबाली से उड़ान भरी थी. एचएएल रुद्र भारतीय सेना के लिए ंिहदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित एक अटैक हेलीकॉप्टर है. तेजपुर स्थित रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एएस वालिया ने कहा, ‘‘हेलीकॉप्टर में पांच सैन्यकर्मी सवार थे, जिनमें से चार के शव बरामद किये गये हैं. एक अन्य सैन्यकर्मी की तलाश जारी है.’’ उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत तलाशी एवं बचाव अभियान शुरू किया गया था, जिसमें एमआई-17 और दो एएलएचए शामिल थे.
अपर सियांग के एसपी जुम्मर बसर ने कहा कि जिला पुलिस ने खोज व बचाव अभियान के लिए अपनी टीम घटनास्थल पर भेजी.
इस महीने राज्य में सेना का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की यह दूसरी घटना है. इस सीमावर्ती प्रदेश से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने घटना पर दुख व्यक्त किया.
रीजीजू ने ट्वीट किया, ‘‘ ऊपरी सियांग जिले में भारतीय सेना के एडवासं लाइट हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की परेशान करने वाली खबर मिली. मेरी गहरी शोक संवेदना. पांच अक्टूबर को तवांग जिले में एक चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार दो पायलटों में से एक की मौत हो गई थी. मार्च में जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास एक और चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस घटना में पायलट की भी मौत हो गई थी.
अरूणाचल में हुए ताजा हादसे ने सैन्य हेलीकॉप्टर, विमान दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या की ओर ध्यान खींचा
भारतीय थलसेना के एक हेलीकॉप्टर के शुक्रवार को अरूणाचल प्रदेश में टूंिटग के पास दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से सैन्य हेलीकॉप्टर एवं विमानों की बढ़ती दुर्घटनाओं ने एक बार फिर से अपनी ओर ध्यान आकृष्ट किया है. सीमावर्ती राज्य में पश्चिम सियांग जिले के मिंिगग में शुक्रवार सुबह सेना का दो इंजन वाला स्वदेश निर्मित हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. थलसेना और वायुसेना ने अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में एक बड़ा तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया है.
तेजपुर में नियुक्त रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (हथियार प्रणाली हेलीकॉप्टर) ने लेकाबली से उड़ान भरी था और यह टूंिटग के पास मिंिगग में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. टूंिटग, चीन से लगी सीमा से करीब 35 किमी दूर स्थित है.
इस श्रेणी के हेलीकॉप्टर को रूद्र मार्क-4 के नाम से भी जाना जाता है. इस हेलीकॉप्टर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने थलसेना और वायुसेना में प्रमुख भूमिकाओं के लिए डिजाइन और विकसित किया है.
थलसेना की विमानन शाखा अत्यधिक हल्के हेलीकॉप्टर रूद्र के हथियार प्रणाली समेकित (डब्ल्यूएसआई) प्रारूप को क्षेत्र में तैनान कर पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद के मद्देनजर अपनी रणनीतिक अभियानों को धार दे रही है. विविध भूमिका निभाने वाला हेलीकॉप्टर 5.8 टन श्रेणी के अत्यधिक हल्के हेलीकॉप्टर-ध्रुव का एक सशस्त्र प्रारूप है. इस हेलीकॉप्टर का डिजाइन स्वदेश में तैयार किया गया है. यह विविध भूमिका निभाने वाला और विविध अभियानों में उपयोगी नयी पीढ़ी का हेलीकॉप्टर है.
एक सैन्य विशेषज्ञ ने बताया, ‘‘दुर्घटना के बारे में हमारे पास कोई विवरण नहीं है. इसलिए, टिप्पणी करना अनुचित होगा. लेकिन मेरा मानना है कि (सैन्य हेलीकॉप्टर के) बेड़े को अवरोध टालने वाली प्रणालियों सहित अधिक सुरक्षित उपकरण से लैस किया जाना चाहिए.’’ उल्लेखनीय है कि एक अन्य एएलएच(अत्यधिक हल्का हेलीकॉप्टर)-डब्ल्यूएसआई पिछले साल तीन अगस्त को पठानकोट के पास रणजीत सागर झील में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.
इससे पहले, अक्टूबर 2019 में उत्तरी कमान के तत्कालीन प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर ंिसह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ले जा रहा थलसेना का एक ध्रुव हेलीकॉप्टर को जम्मू कश्मीर के पुंछ में जमीन पर उतारने में काफी मुश्किल हुई थी. मिंिगग में हुई दुर्घटना, अरूणाचल प्रदेश में तवांग के पास एक अग्रिम क्षेत्र में चीता हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के दो हफ्ते बाद हुई है.
उस दुर्घटना में सेना की विमानन शाखा के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और उनके सह पायलट की मृत्यु हो गई थी आधिकारिक विवरण के मुताबिक, मार्च 2017 और दिसंबर 2021 के बीच 15 सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं में 31 लोगों की मृत्यु हो गई. इन 15 दुर्घटनाओं में तमिलनाडु के कुनूर में आठ दिसंबर 2021 को हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना भी शामिल है, जिसमें तत्कालीन प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और सशस्त्र बलों के 12 र्किमयों की मृत्यु हो गई थी. इस अवधि के दौरान थलसेना, वायुसेना के सात-सात, जबकि नौसेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था.