
गुवाहाटी/मोरीगांव. असम के मोरीगांव में ईंधन की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ किए गए नुक्कड़ नाटक में भगवान शिव का रूप धारण करने पर एक व्यक्ति को धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. हालांकि, सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर हंगामा होने पर उसे रविवार को रिहा कर दिया गया.
कार्यकर्ता बिंिरची बोरा शनिवार को अपने नाटक के लिए देवी पार्वती का वेश धारण किये एक अन्य अभिनेता के साथ मोटरसाइकिल से नाटकीय रूप से नुक्कड़ नाटक के आयोजन स्थल पर पहुंचे. इसके खिलाफ कई हिंदुवादी संगठन खड़े हो गए और उन्होंने कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने की मांग की.
हालांकि, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पुलिस की कार्रवाई को नामंजूर करते हुए ट्विटर के जरिये कहा कि समसामयिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक ईशनिंदा नहीं है और जिला पुलिस को व्यक्ति को रिहा करने के लिए उचित निर्देश दे दिए गए हैं. नगांव की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने बताया कि कार्यकर्ता बिंिरची बोरा को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल की दो शिकायतों के आधार पर शनिवार को जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था.
उन्होंने कहा,‘‘हमने उसे धार्मिक भावना को आहत करने, महिला के प्रति असम्मान प्रकट करने, समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने और सड़क पर नुक्कड़ नाटक के दौरान जूता और हेलमेट नहीं पहनकर मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया.’’ उन्होंने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’’को बताया, ‘‘सभी धाराएं जमानती थीं इसलिये उन्हें रविवार सुबह रिहा कर दिया गया.’’ डोले ने बताया कि देवी पार्वती की भूमिका निभाने वाली महिला का अबतक पता नहीं चला है और नाटक से जुड़Þे एक अन्य व्यक्ति दुलाल बोरा को नगांव पुलिस थाने में उपस्थित होने को कहा गया है.
गौरतलब है कि महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर बोरा और उनके साथियों ने शनिवार दोपहर को नगांव कॉलेज घंटाघर के पास सड़क पर नुक्कड़ नाटक किया था. नुक्कड़ नाटक में शिव के रूप में बोरा ने ईंधन, एलपीजी सिंिलडर और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर सरकार को आड़े हाथ लिया था. उन्होंने देश में बेरोजगारी की समस्या को रेखांकित किया और याद दिलाया कि रोजगार के मुद्दे पर लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए.
बजरंग दल और विहिप की जिला इकाइयों ने घटना के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन किया और अलग-अलग नगांव पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि नाटक से स्पष्ट तौर पर ‘‘हिंदू देवताओं के सम्मान को आहत किया गया.’’ पुलिस ने तत्काल नगांव कॉलेज छात्र संघ के पूर्व महासचिव बोरा को उठाया और बाद में उनकी गिरफ्तारी दिखाई. उनकी गिरफ्तारी की सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर निंदा की गई.
इस बीच, मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ समसामयिक मुद्दों पर नुक्कड़ नाटक ईशनिंदा नहीं है. उस तरह (देवी देवताओं)की पोशाक धारण करना तब तक अपराध नहीं है, जब तक कि अपमानजनक भाषा नहीं बोली जाए. नगांव पुलिस को उचित निर्देश जारी किए जा चुके हैं.’’ सरमा का यह बयान अधिवक्ता और लेखक नवरूप सिंह द्वारा सिलसिलेवार ट्वीट कर उनका ध्यान इस मुद्दे की ओर आर्किषत किए जाने के बाद आया.



