
शिवसागर/जोरहाट. ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के असम में प्रवेश करने के बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि देश में शायद ”सबसे भ्रष्ट सरकार” और ”सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री” इस राज्य में है. यात्रा के नगालैंड से असम में प्रवेश करने के बाद, राहुल ने शिवसागर जिले में लोगों को संबोधित करते हुए सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना की तथा कहा कि वे ”नफरत फैला रहे हैं और जनता का पैसा लूट रहे हैं.”
कांग्रेस नेता ने कहा, ”शायद, भारत में सबसे भ्रष्ट सरकार असम में है. आप जानते हैं कि यहां क्या हो रहा है. हम भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान असम के मुद्दों को उठाएंगे.” दोपहर में, राहुल ने जोरहाट जिले के नाकाचारी के देबेरेरापार में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित किया और आरोप लगाया कि आदिवासियों, चाय बागान के श्रमिकों और असम के अन्य मूल निवासियों के खिलाफ भाजपा नीत सरकार कई अन्याय कर रही है.
उन्होंने कहा, ”असम में भ्रष्टाचार धड़ल्ले से हो रहा है. हम सब जानते हैं कि भारत में सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री शायद असम के मुख्यमंत्री हैं.” जोरहाट शहर में, अपने तीसरे संबोधन में संध्या काल के दौरान राहुल ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का पूरा परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त है.
उन्होंने कहा, ”उनकी संतान, वह खुद और उनकी पत्नी–सभी किसी ना किसी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. उन्हें लगता है कि पैसा असम के लोगों को खरीद सकता है क्योंकि वे खरीदे जा सकते हैं. लेकिन असमी लोग खरीदे नहीं जा सकते और उनकी कीमत कोई नहीं लगा सकता.” कांग्रेस नेता ने अपनी बस की ‘हाइड्रोलिक लिफ्ट’ से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं के खिलाफ सबसे बड़ा अन्याय ‘बेरोजगारी’ है.
उन्होंने कहा, ”बेरोजगारी के साथ भारत प्रगति नहीं कर सकता. हमारा वादा है कि हम सभी सरकारी रिक्तियां भरेंगे. हम छोटे और मध्यम उद्योगों को भी पुनर्जीवित करेंगे क्योंकि यह क्षेत्र सबसे अधिक संख्या में नौकरियां पैदा करता है.” इससे पहले नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए राहुल ने मणिपुर के बारे में बात की और कहा कि उस राज्य में गृह युद्ध जैसी स्थिति है, जहां पिछले साल तीन मई से जातीय हिंसा जारी है. यात्रा की शुरूआत मणिपुर से हुई थी.
कांग्रेस सांसद ने कहा कि नगालैंड में नौ साल पहले एक फ्रेमवर्क समझौते (नगा राजनीतिक मुद्दे के समाधान के लिए) पर हस्ताक्षर किया गया था और लोग अब पूछ रहे हैं कि इसका क्या हुआ क्योंकि प्रधानमंत्री ने इस बारे में कुछ नहीं बोला है. इस तरह की यात्रा से कांग्रेस को लाभ नहीं मिलने संबंधी भाजपा की टिप्पणी पर राहुल ने कहा कि पिछले साल भारत जोड़ो यात्रा ने देश के ”राजनीतिक विमर्श” को बदल दिया.
उन्होंने कहा, ”भाजपा और आरएसएस नफरत फैला रहे हैं और समुदायों को आपस में लड़वा रहे हैं. उनका एकमात्र काम जनता का पैसा लूटना और देश का शोषण करना है.” कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि सभी भाजपा शासित राज्य ”आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक अन्याय का सामना कर रहे हैं” और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान इन सभी मुद्दों को उठाया जायेगा.
उन्होंने कहा, ”हमने मणिपुर से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू की और यह महाराष्ट्र तक जारी रहेगी. इस यात्रा का उद्देश्य न केवल भारत के हर धर्म और जाति को एकजुट करना है बल्कि न्याय दिलाना भी है.” मध्यकाल के वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि यह ‘न्याय यात्रा’ शंकरदेव की विचारधारा की यात्रा है.
उन्होंने कहा, ”उन्होंने आप (लोगों) को रास्ता दिखाया, सभी को एकजुट करने का प्रयास किया और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी. हम सिर्फ असम के इतिहास को दोहरा रहे हैं. ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का उद्देश्य भी यही है.” श्रीमंत शंकरदेव एक असमिया संत-विद्वान, सामाजिक-धार्मिक सुधारक थे.
यात्रा ने नगालैंड से शिवसागर जिले के हालोअटिंग होते हुए असम में प्रवेश किया. राहुल ने सुबह नगालैंड के तुली से बस यात्रा फिर से शुरू की और पूर्वाह्न करीब पौने 10 बजे असम पहुंचे. हालोअटिंग में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राहुल का स्वागत किया और राज्य में आठ दिवसीय यात्रा के लिए कांग्रेस की असम इकाई के नेताओं को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा गया.
संक्षिप्त कार्यक्रम के बाद, यात्रा हालोअटिंग से फिर से शुरू हुई और शिवसागर के अमगुरी कस्बे से होते हुए जोरहाट की ओर बढ.ी.
सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े थे और राहुल का अभिवादन कर रहे थे. अमगुरी कस्बे में, उन्होंने लोगों से हाथ मिलाया, जो कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की एक झलक पाने के लिए वहां एकत्र थे.
देबेरपार चैरियाली के पास राहुल बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र देख कर बस से उतर गए और चाय बागान में गए, जहां उन्हें कई लोगों ने असमी ‘गमोसा’ भेंट किया. राहुल ने लोगों से हाथ मिलाया. भीड़ में शामिल ज्यादातर लोग चाय बागान श्रमिक थे. कांग्रेस सांसद के नेतृत्व में 6,713 किलोमीटर की यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई थी और 20 मार्च को मुंबई में समाप्त होगी. असम में यह यात्रा 25 जनवरी तक जारी रहेगी. ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 15 राज्यों के 110 जिलों से होकर गुजरेगी.

सरकारी योजना के फार्म लेने के लिए एकत्र हुईं महिलाएं कतार छोड़कर राहुल गांधी से मिलने पहुंची
असम के जोरहाट जिले में बृहस्पतिवार को एक नयी सरकारी योजना के फॉर्म लेने के लिए एकत्र हुईं सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलने के लिए कतारों से बाहर निकल गईं. गांधी क्षेत्र में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का नेतृत्व कर रहे हैं. गांधी दोपहर में पड़ोसी शिवसागर जिले से मरियानी शहर पहुंचे और उन्होंने देखा कि सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं योजना के लिए फॉर्म लेने के वास्ते नाकाचारी क्षेत्र में एक सरकारी केंद्र पर कतारों में खड़ी हैं.
गांधी के काफिले को गुजरते देख सभी महिलाएं अपनी कतारों से बाहर निकल आईं और कांग्रेस सांसद से मिलने के लिए सड़क की ओर दौड़ पड़ीं. जैसे ही काफिला रुका और गांधी बस से बाहर आए, कई महिलाएं उनकी ओर गईं और पैर छुए, लेकिन उन्होंने (गांधी ने) उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की. इसके बाद महिलाओं ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने का आग्रह किया जिस पर वह तुरंत सहमत हो गए. आगे बढ.ने से पहले गांधी ने उनके साथ कुछ समय बिताया और उनका हालचाल पूछा.
यात्रा में साथ चल रहे कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया. रमेश ने कहा, ”भारत जोड़ो न्याय यात्रा के पांचवें दिन, मरियानी में असम के मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आईं महिलाएं पूरे उत्साह के साथ आकर राहुल गांधी से मिलीं. असम के लिए न्याय की शुरुआत हो चुकी है!” बाद में पुथिनाडी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ. भाजपा सरकार असम में यात्रा को ‘फ्लॉप शो’ बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, ”हमारे सामने कई बाधाएं पैदा की गई हैं. असम के युवा, महिलाएं और अन्य सभी वर्ग हालांकि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का संदेश सुन रहे हैं. वे राहुल गांधी से मिलने और उनकी बात सुनने के लिए उत्सुक हैं.”



