प्रधान न्यायाधीश पर हमला संविधान पर हमला, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुप क्यों: कांग्रेस

प्रधान न्यायाधीश पर ''हमला'' संविधान पर भी हमला: सोनिया गांधी

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी आर गवई की ओर कथित तौर पर जूता उछालने की कोशिश की घटना की निंदा करते हुए सोमवार को कहा कि यह सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि संविधान पर भी हमला है. मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस मामले में चुप क्यों हैं. उच्चतम न्यायालय में सोमवार को कार्यवाही के दौरान 71 वर्षीय एक वकील ने न्यायमूर्ति गवई की ओर कथित तौर पर जूता उछालने की कोशिश की.

घटना के बाद सीजेआई ने अपना संयम बनाए रखा और अदालत कक्ष में उपस्थित वकीलों से अपनी दलीलें जारी रखने का आग्रह किया. आरोपी वकील की पहचान बाद में मयूर विहार निवासी राकेश किशोर (71) के रूप में की गयी. वह मंच के पास पहुंचा, अपना जूता निकाला और उसे न्यायाधीशों की ओर उछालने का प्रयास किया. कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश पर”हमला” सिर्फ उनपर नहीं, बल्कि संविधान पर भी हमला है.

सोनिया ने एक बयान में कहा, ”उच्चतम न्यायालय में भारत के माननीय प्रधान न्यायाधीश पर हुए हमले की निंदा करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं हैं. यह न केवल उनपर (सीजेआई पर), बल्कि हमारे संविधान पर भी हमला है.” कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष, ”प्रधान न्यायाधीश गवई बहुत सहृदय हैं, लेकिन राष्ट्र को गहरी पीड़ा और आक्रोश के साथ एकजुट होकर उनके साथ खड़ा होना चाहिए.”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आज उच्चतम न्यायालय में भारत के माननीय प्रधान न्यायाधीश पर हमले का प्रयास शर्मनाक और घृणित है. यह हमारी न्यायपालिका की गरिमा और कानून के शासन पर हमला है.” उन्होंने कहा, ”जब योग्यता, ईमानदारी और दृ­ढ़शक्ति के माध्यम से देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचे व्यक्ति को इस तरह से निशाना बनाया जाता है, तो यह एक बहुत परेशान करने वाली बात है. यह उस व्यक्ति को डराने और अपमानित करने के प्रयास को दर्शाता है, जिसने संविधान को बनाए रखने के लिए सामाजिक बाधाओं को तोड़ा है.” खरगे ने कहा कि इस तरह की हरकत से पता चलता है कि पिछले एक दशक में नफरत और कट्टरता ने हमारे समाज को किस तरह से अपनी चपेट में ले लिया है.

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस की ओर से मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं. हमारी न्यायपालिका की सुरक्षा और संरक्षा सर्वोपरि है. न्याय और तर्क को प्रबल होने दें, भय को नहीं.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”प्रधान न्यायाधीश पर ‘हमला’ हमारी न्यायपालिका की गरिमा और संविधान की भावना पर हमला है. हमारे देश में इस तरह की घृणा के लिये कोई जगह नहीं है और ऐसे कृत्य की निंदा होनी चाहिये.” कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”देश के प्रधान न्यायाधीश पर दिन दहाड़े कोर्ट में हमला हुआ, घंटों बीत गए, लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की एक प्रतिक्रिया तक नहीं आई. वैसे तो प्रधानमंत्री जी किसी खिलाड़ी की उंगली पर चोट लगने पर भी ट्वीट कर देते हैं.” उन्होंने सवाल किया, ”क्या यह उनकी चुप्पी हमले की मौन स्वीकृति है.”

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