बांग्लादेश में अशांति के बीच कानून-व्यवस्था बहाल करने में जुटे प्राधिकारी, यूनुस ने की शांति की अपील

ढाका. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख नियुक्त किए गए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने बुधवार को सभी से “शांति कायम करने” और “हर प्रकार की हिंसा से बचने” की अपील की. वहीं, दूसरी ओर शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद देश के सुरक्षा महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है.

सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने घोषणा की कि अंतरिम सरकार बृहस्पतिवार को रात करीब आठ बजे शपथ लेगी. उन्होंने कहा कि सलाहकार परिषद में 15 सदस्य हो सकते हैं. जनरल जमां ने कहा कि सशस्त्र बल यूनुस को हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे. यूनुस ने शीर्ष पद के लिए उनका नाम आगे करने वाले छात्र आंदोलन के समन्वयकों को “बहादुर छात्र” कहते हुए बधाई दी. उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने “हमारे दूसरे विजय दिवस को संभव बनाने” का बीड़ा उठाया.

यूनुस (84) कहा, “आइए इस नयी जीत का सर्वोत्तम उपयोग करें. हम अपनी किसी गलती की वजह से इस जीत को व्यर्थ न जाने दें.” पेशे से अर्थशास्त्री यूनुस के प्रभार संभालने के लिए पेरिस से स्वदेश लौटने की संभावना है. उन्होंने कहा, “मैं वर्तमान परिस्थिति में सभी से शांति बरतने और सभी तरह की हिंसा और नुकसान से बचने की अपील करता हूं.” इससे पहले, बांग्लादेश में छात्रों ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन स्वयंसेवकों के रूप में यातायात प्रबंधन किया. वहीं, एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य से धीरे-धीरे ड्यूटी पर लौटने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने का आह्वान किया.

स्थानीय मीडिया में आई खबरों के अनुसार, सोमवार को शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बांग्लादेश में अराजकता चरम पर है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने या यातायात का प्रबंधन करने के लिए पुलिसकर्मी उपलब्ध नहीं हैं. अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) ए.के.एम. शाहीदुर रहमान को मौजूदा संकट से निपटने के लिए मंगलवार को बांग्लादेश पुलिस का शीर्ष अधिकारी नियुक्त किया गया. उन्होंने पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य से धीरे-धीरे ड्यूटी पर लौटने और सार्वजनिक सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के काम में जुटने का आ”ान किया है.

‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार ने बताया कि बांग्लादेश स्काउट्स के सदस्यों समेत छात्रों को कई स्थानों पर यातायात प्रबंधन करते हुए देखा गया. बुधवार को सुरक्षाबल में हुए ताजा फेरबदल के तहत रहमान को अब रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है.

अखबार ने बताया कि देशभर में मंगलवार को पुलिस थानों और विभिन्न केंद्रों पर हमलों में कई पुलिसर्किमयों के हताहत होने की खबरें हैं, जिससे यह अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है. ‘प्रथम अलो’ समाचार पोर्टल ने बताया कि प्राधिकारियों ने बुधवार को आरएबी और ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस (डीएमपी) के शीर्ष पदों में फेरबदल किया.

इसने कहा, ”एकेएम शाहिदुर रहमान को आरएबी का महानिदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि मोहम्मद मोईन उल हसन ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के आयुक्त के रूप में हबीबुर रहमान का स्थान लेंगे.” इस फेरबदल से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को मंगलवार रात को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया. अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद जेल से रिहा हुईं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने ढाका में अपनी पार्टी की एक विशाल रैली को संबोधित किया, जहां उन्होंने देश के पुर्निनर्माण के लिए शांति की अपील की. जिया (79) को हसीना के शासनकाल में 2018 में भ्रष्टाचार के आरोप में 17 साल जेल की सजा सुनाई गई थी.

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष जिया ने कहा, “मुझे अब रिहा कर दिया गया है. मैं उन बहादुर लोगों को धन्यवाद देना चाहती हूं जो असंभव को संभव बनाने के लिए ‘करो या मरो’ के संघर्ष में थे.” उन्होंने कहा, “यह जीत हमारे लिए लूट, भ्रष्टाचार और बीमार राजनीति से पार पाने की नयी संभावना लेकर आई है. हमें इस देश को एक समृद्ध देश बनाने की जरूरत है.” जिया ने कहा, “कोई विनाश नहीं, कोई आक्रोश नहीं और कोई प्रतिशोध नहीं, हमें अपने देश के पुर्निनर्माण के लिए प्रेम व शांति की जरूरत है.” अक्टूबर 2020 में नियुक्त हुए अटॉर्नी जनरल अबू मोहम्मद अमीनुद्दीन ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया.

वहीं, कारोबारी प्रतिष्ठानों ने पिछले दो दिन में फैक्टरियों में आगजनी की घटनाओं के बीच बुधवार को कानून एवं व्यवस्था तुरंत बहाल करने की मांग की, ताकि उनकी उत्पादन इकाइयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. ‘डेली स्टार’ अखबार ने ‘इंटरनेशनल चैंबल ऑफ कॉमर्स, बांग्लादेश’ के हवाले से बताया कि कारोबारियों ने कहा है कि उन्होंने आज खासतौर से कपड़ों की फैक्टरियां खोलीं, लेकिन अशांति और तोड़फोड़ के डर के कारण कई फैक्टरी का संचालन संभव नहीं है.

‘ढाका ट्रिब्यून’ ने बताया कि कार्यालयों को फिर से खोले जाने के बाद दूसरे दिन बुधवार को बांग्लादेश बैंक में अराजकता की स्थिति पैदा हो गई. डिप्टी गवर्नर काजी सईदुर रहमान सहित बांग्लादेश बैंक के छह शीर्ष अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया. अखबार ने बताया कि बांग्लादेश बैंक के सैकड़ों अधिकारी बैंक गवर्नर के कार्यालय में घुस गए, जिससे कई डिप्टी गवर्नर को कार्यालय छोड़ना पड़ा.

मंगलवार को देश के कई हिस्सों से हसीना की आवामी लीग पार्टी के कम से कम 29 समर्थकों के शव बरामद हुए, जिससे सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर जुलाई में शुरू हुए प्रदर्शन के हिंसक होने से अब तक मारे गए लागों की संख्या बढ.कर 469 हो गई है.

मीडिया में आई खबरों में मंगलवार को अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के ज्यादा मामले सामने आने की बात कही गई. सोमवार को लोकप्रिय लोक बैंड ‘जोलर गान’ के प्रमुख राहुल आनंद के आवास पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई, जिससे गायक और उनके परिवार को एक गुप्त स्थान पर शरण लेनी पड़ी. ‘डेली स्टार’ ने ‘जोलर गान’ के संस्थापक सदस्यों में से एक सैफुल इस्लाम के हवाले से बताया कि भीड़ ने आवास का मुख्य प्रवेश द्वार तोड़ने के बाद तोड़फोड़ और लूटपाट शुरू कर दी और फर्नीचर, शीशों से लेकर कीमती सामान तक लूट ले गए. भीड़ ने राहुल आनंद के 3,000 संगीत वाद्य यंत्रों के साथ पूरे मकान को आग के हवाले कर दिया.

मोहम्मद यूनुस: गरीबी उन्मूलन के लिए नोबेल पुरस्कार पाने से हसीना सरकार से तल्ख रिश्ते तक का सफर

शेख हसीना के शासनकाल के दौरान गबन के आरोप में उत्पीड़न का सामना करने वाले नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस का जीवन पूरी तरह से बदल गया है. हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर जाने के बाद अब यूनुस बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को संसद भंग करके 84 वर्षीय अर्थशास्त्री यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त कर दिया. उन्होंने भेदभाव-विरोधी आंदोलन में शामिल छात्रों की मांग मानते हुए यह निर्णय लिया. बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद बदलते घटनाक्रम में सबसे प्रमुख तौर से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस का नाम उभरा है, जिन्हें प्रदर्शनकारी देश की अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाना चाहते हैं.

हसीना के देश छोड़कर जाने की खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों ने उनके आवास में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट की. देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में पिछले 15 दिन में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई है. बांग्लादेश की सेना ने अस्थायी रूप से देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि देश के राष्ट्रपति द्वारा मंगलवार को संसद को भंग करने के बाद अंतरिम सरकार में उसकी क्या भूमिका होगी. इस अनिश्चितता के बीच, मोहम्मद यूनुस का सामने आया जो नए सिरे से चुनावों की घोषणा होने तक बांग्लादेश की बागडोर संभाल सकते हैं.

यूनूस नोबेल पुरस्कार विजेता हैं, जिन्हें ”सबसे गरीब लोगों का बैंकर” भी कहा जाता है. इसे लेकर उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा था और एक बार हसीना ने यूनुस को ”खून चूसने वाला” कहा था. यूनुस (83) हसीना के कटु आलोचक और विरोधी माने जाते हैं. उन्होंने हसीना के इस्तीफे को देश का ”दूसरा मुक्ति दिवस” बताया है. पेशे से अर्थशास्त्री और बैंकर यूनुस को गरीब लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की मदद के लिए माइक्रोक्रेडिट के उपयोग में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

यूनुस ने 1983 में ग्रामीण बैंक की स्थापना की ताकि उन उद्यमियों को छोटे ऋण उपलब्ध कराए जा सकें जो सामान्यत? उन्हें प्राप्त करने के योग्य नहीं होते. लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में बैंक की सफलता ने अन्य देशों में भी इसी तरह के लघु वित्त पोषण के प्रयासों को बढ़ावा दिया.

यूनुस को 2008 में हसीना सरकार की कार्रवाई का सामना करना पड़ा जब उनके प्रशासन ने यूनुस के खिलाफ कई जांच शुरू कीं. यूनुस ने पहले घोषणा की थी कि वह 2007 में एक राजनीतिक पार्टी बनाएंगे, हालांकि उन्होंने अपनी योजना पर अमल नहीं किया. जांच के दौरान हसीना ने यूनुस पर ग्रामीण बैंक के प्रमुख के तौर पर गरीब ग्रामीण महिलाओं से ऋण वसूलने के लिए बल और अन्य तरीकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. यूनुस ने आरोपों से इनकार किया था.

हसीना की सरकार ने 2011 में बैंक की गतिविधियों की समीक्षा शुरू की और यूनुस को सरकारी सेवानिवृत्ति नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में प्रबंध निदेशक के पद से हटा दिया गया. 2013 में उन पर बिना सरकारी अनुमति के पैसे लेने के आरोप में मुकदमा चलाया गया, जिसमें उनका नोबेल पुरस्कार और एक किताब से रॉयल्टी भी शामिल थी.

इस साल की शुरुआत में बांग्लादेश में एक विशेष न्यायाधीश की अदालत ने यूनुस और 13 अन्य लोगों पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर के गबन के मामले में आरोप तय किए थे. यूनुस ने खुद को निर्दोष बताया और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. यूनुस के समर्थकों का कहना है कि हसीना के साथ उनके खराब संबंधों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया है. यूनुस का जन्म 1940 में भारत के चटगांव में हुआ था, जो अब बांग्लादेश का एक प्रमुख बंदरगाह शहर है. उन्होंने अमेरिका के वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और बांग्लादेश लौटने से पहले कुछ समय तक वहां पढ़ाया था.

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