अजान मुद्दे का हल जोर जबरदस्ती से नहीं, सभी को विश्वास में लेकर किया जाएगा : बोम्मई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 05 Apr 2022 07:10 PM
अजान मुद्दे का हल जोर जबरदस्ती से नहीं, सभी को विश्वास में लेकर किया जाएगा : बोम्मई

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बेंगलुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि अजान के मुद्दे को जोर जबरदस्ती से नहीं बल्कि सभी को विश्वास में लेकर हल किया जाएगा. कुछ दक्षिणपंथी संगठनों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को रोकने का आ’’ान करते हुए कहा है कि वे आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं.

पत्रकारों के सवालों के जवाब में बोम्मई ने कहा कि अजान के संबंध में उच्च न्यायालय का आदेश है तथा एक अन्य आदेश है जिसमें पूछा गया है कि पहले आदेश को लागू क्यों नहीं किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय का आदेश ध्वनि डेसिबल स्तर और जिला स्तर पर डेसिबल मीटर की स्थापना को भी निर्दिष्ट करता है. उच्च न्यायालय के आदेश को चरणों में लागू किया जा रहा है.
बोम्मई ने कहा, ‘‘यह ऐसा काम है जिसे सभी को विश्वास में लेकर करने की जरूरत है, यह किसी भी तरह से जोर जबरदस्ती से किया जाने वाला काम नहीं है.’’

भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए सांप्रदायिक मुद्दे उठा रही है : सिद्धरमैया

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा पर विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक लाभ लेने के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को उठाने का मंगलवार को आरोप लगाया. उन्होंने ‘चुप्पी’ साधने को लेकर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की आलोचना की.

विधानसभा में विपक्ष के नेता ने अजान को लेकर विवाद की पृष्ठभूमि में कहा कि मंदिरों, मस्जिदों और गिरजाघरों में लंबे अरसे से लाउडस्पीकर लगे हुए हैं और इसने लोगों को क्या नुकसान पहुंचाया? उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री “इतने कमजोर” हैं कि समाज में गड़बड़ी पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं? कुछ दक्षिणपंथी संगठनों और भाजपा नेताओं ने मस्जिदों से लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल को रोकने का आ’’ान करते हुए कहा कि ये आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं.

सिद्धरमैया ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं,इसलिए भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए समाज को सांप्रदायिक मुद्दों से प्रभावित कर रही है. उन्होंने कहा, “यह आने वाले दिनों में भाजपा को उलटा पड़ेगा.’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि असामाजिक तत्व राज्य में शांति भंग कर तनाव पैदा कर रहे हैं. उन्होंने पूछा क्या मुख्यमंत्री की “चुप्पी” उनके समर्थन या मुद्दे से निपटने में उनकी अक्षमता का संकेत देती है? सिद्धरमैया ने कहा कि राज्य में समग्र प्रगति के लिए व्यवस्था जरूरी है. उन्होंने कहा, “अगर मुख्यमंत्री को हमारे लोगों की वास्तविक चिंता है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए… . उनकी विफलता लोगों को आहत कर रही है.’’

By Yogesh Kumar Sahu