
काटोल. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि दिवंगत बाल ठाकरे को अपने बेटे को सत्ता के लिए अपनी विचारधारा से भटकते देखकर दुख हो रहा होगा. शिवराज 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार चरणसिंह ठाकुर के समर्थन में यहां आयोजित एक रैली को संबोधित कर रहे थे. ठाकुर का मुकाबला मौजूदा विधायक अनिल देशमुख के बेटे सलिल देशमुख से है, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं.
इससे पहले दिन में शिवराज ने नागपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित किया और किसानों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का जिक्र किया. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा, ”मैं (दिवंगत) बालासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. लेकिन आज वह जहां भी हैं, उन्हें अपने बेटे को सत्ता की खातिर अपनी विचारधारा से भटकते देखकर बेहद दुख हो रहा होगा.” भाजपा ने कई मौकों पर उद्धव पर कांग्रेस का साथ देकर महा विकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन का हिस्सा बनने को लेकर निशाना साधा है, जो पहले अविभाजित शिवसेना के प्रमुख थे. भाजपा ने उद्धव पर यह कहते हुए निशाना साधा है कि उनके पिता कांग्रेस पार्टी के कट्टर विरोधी थे.
शिवराज ने दावा किया कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोविड महामारी के दौरान देश की सेवा कर रहे थे, तब उद्धव अपने बंगले से बाहर भी नहीं निकले. उन्होंने कहा, ”मैं भी उस समय (मध्यप्रदेश का) मुख्यमंत्री था, लेकिन लोगों के लिए हमेशा क्षेत्र में रहता था.” शिवराज ने कहा, ”(केंद्रीय गृहमंत्री) अमित शाह आज यहां आने वाले थे. लेकिन उन्होंने मणिपुर से जुड़े जरूरी सुरक्षा मुद्दों के लिए प्रचार छोड़ दिया है.” उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए देश पहले है और फिर चुनाव.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए लोगों की सेवा करना भगवान की पूजा करने के समान है. उन्होंने कहा कि एमवीए ने महाराष्ट्र का ”महाविनाश” किया है. काटोल कार्यक्रम से पहले शिवराज ने नागपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया, जहां उन्होंने किसानों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में बात की और कहा कि राज्य में महायुति सरकार कृषक समुदाय के लिए अच्छा काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि कपास और सोयाबीन किसानों के बैंक खातों में प्रति हेक्टेयर 5,000 रुपये अतिरिक्त जमा किए जा रहे हैं. कृषि मंत्री ने कीमतों में गिरावट की स्थिति में किसानों को मुआवजा देने के लिए ‘भावांतर भुगतान योजना’ पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि टमाटर, प्याज और आलू के दाम गिरने पर किसानों को नुकसान होता है. शिवराज ने कहा कि इसका मुकाबला करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद इन फसलों के उत्पादन की लागत के आधार पर मॉडल दरें तय करेगी और सरकार उन्हें राहत प्रदान करेगी. उन्होंने प्रधानमंत्री आशा कार्यक्रम का विवरण भी साझा किया, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करना है.



