बैंक धोखाधड़ी मामला: डीएचएफएल के पूर्व प्रवर्तक वधावन की जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने 34,926 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में डीएचएफएल के पूर्व प्रवर्तक कपिल वधावन की जमानत याचिका पर सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने एजेंसी को नोटिस जारी किया।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने चार अगस्त को वधावन को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि हिरासत के दौरान उनका आचरण ठीक नहीं था। उच्च न्यायालय ने राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के आर्थिक अपराध न केवल विशिष्ट पीड़ितों के खिलाफ बल्कि समग्र वित्तीय प्रणाली के खिलाफ अपराध हैं।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि डीएचएफएल के प्रवर्तक और सीएमडी के रूप में वधावन 17 बैंकों के समूह से लगभग 34,926 करोड़ रुपये की हेराफेरी और गबन से जुड़ी एक बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी के मुख्य साजिशकर्ता थे। उन्हें 19 जुलाई, 2022 को इस मामले में हिरासत में लिया गया था और तीन दिसंबर, 2022 को जमानत दे दी गई थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने 24 जनवरी, 2024 को उनकी जमानत रद्द कर दी थी।

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