भारत को विकसित बनाने में बैंकों को निभानी होगी महत्वपूर्ण भूमिका: सीतारमण

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 19 Sep 2024 08:46 PM
भारत को विकसित बनाने में बैंकों को निभानी होगी महत्वपूर्ण भूमिका: सीतारमण
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पुणे. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र या ‘विकसित भारत’ बनाने के एजेंडा को आगे बढ़ाने में बैंकिंग क्षेत्र को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. सीतारमण ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 90वें स्थापना दिवस पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ”प्रधानमंत्री की तरफ से निर्धारित एजेंडा को आगे बढ़ाने में बैंकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और आपकी भूमिका से हम इस सपने को हासिल करने में और तेजी लाएंगे.” उन्होंने कहा कि बैंकों को बुनियादी ढांचा क्षेत्र को सशक्त रफ्तार देने, एमएसएमई क्षेत्र को जरूरत के हिसाब से वित्त मुहैया कराने, बैंक सेवाओं से वंचित आबादी को बैंक दायरे में लाने और बीमा पहुंच बढ़ाने में मदद करनी होगी.

सीतारमण ने कहा कि प्रौद्योगिकी बैंक परिदृश्य को तेजी से बदल रही है क्योंकि यह सभी ग्राहकों को सुरक्षित एवं आसानी से संचालित किया जा सकने वाला डिजिटल बैंकिंग अनुभव देती है. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने बैंकों के लिए प्रौद्योगिकी सुरक्षा पर भी जोर देने के लिए कहा.

वित्त मंत्री ने कहा, ”आप (बैंक) ऐसी डिजिटल प्रणाली नहीं रख सकते हैं जो कहीं भी हैक हो जाए और पूरी प्रणाली एवं उस पर आधारित भरोसा खतरे में पड़ जाए. इसके लिए आपको एक मजबूत प्रणाली चाहिए. आपको हर बार यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं और किसी भी आपातकालीन स्थिति में किस तरह के कदम उठाने होंगे.” वित्त मंत्री ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में एकीकृत भुगतान प्रणाली यूपीआई की बढ़ती लोकप्रियता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तत्काल होने वाले सभी डिजिटल भुगतानों में से 45 प्रतिशत भारत में होते हैं.

उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था इस समय सात देशों में चालू हो चुकी है. इनमें भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं. उन्होंने रिजर्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली की मजबूती की तस्वीर बनती है.

बैंकिंग क्षेत्र (निजी और सार्वजनिक) का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात कई वर्षों के निचले स्तर 2.8 प्रतिशत और एनएनपीए अनुपात 0.6 प्रतिशत पर आ गया है. इस अवसर पर वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने कहा कि बैंकों को लाभ कमाने के साथ राजस्व में वृद्धि के दृष्टिकोण का भी पालन करना चाहिए. उन्होंने बैंकों से ग्राहक संतुष्टि स्तर में सुधार और ग्राहक-अनुकूल प्रणाली एवं प्रक्रियाएं शुरू करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहा. बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक निधु सक्सेना ने कहा कि बैंक अगले पांच वर्षों में अपने नेटवर्क में 1,000 शाखाएं जोड़ने की योजना बना रहा है.

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