Beaurocracy रिटायर्ड IAS को फिर मिली पोस्टिंग, एक महीने तक कुर्सी खाली रही, फिर वहीं की वापसी, अपने रसूख को लेकर चर्चा में हैं IAS श्रुति भारद्वाज

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Wed, 30 Sep 2026 05:11 PM
Beaurocracy रिटायर्ड IAS को फिर मिली पोस्टिंग, एक महीने तक कुर्सी खाली रही, फिर वहीं की वापसी, अपने रसूख को लेकर चर्चा में हैं IAS श्रुति भारद्वाज

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राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) में IAS अधिकारी श्रुति भारद्वाज की फिर वापसी हुई है। 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हुईं भारद्वाज को दोबारा RCDF के प्रबंध निदेशक (MD) पद की जिम्मेदारी दी गई है।

जानते चलें कि IAS श्रुति भारद्वाज को एक महीने बाद फिर से नई नियुक्ति मिल गई है। राजस्थान सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। वे 31 अगस्त 2026 को रिटायर हुईं। उस वक्त वह राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की MD थीं।

आश्चर्य कि एक महीना तक यह कुर्सी खाली पड़ी रही। आज एक ऑर्डर जारी हुआ और रिटायर हो चुकीं श्रुति भारद्वाज को पे–माइनस पेंशन पर फिर से उसी पोस्ट पर तैनाती दे दी गई। उनका कार्यकाल 6 महीने या नए सक्षम अधिकारी की नियुक्ति तक रहेगा।

पुनर्नियुक्ति को लेकर राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में पहले से चर्चा थी। रिटायरमेंट के एक महीने बाद फिर उसी कुर्सी पर वापसी—सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं।

आदेश के अनुसार, श्रुति भारद्वाज की यह नियुक्ति छह महीने या सक्षम अधिकारी की नियमित नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। श्रुति भारद्वाज 31 अगस्त को इसी पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद लगभग एक महीने तक यह महत्वपूर्ण पद खाली रहा। इस अवधि के दौरान विभाग ने न तो किसी अन्य अधिकारी की नियमित नियुक्ति की थी और न ही किसी को इसका अतिरिक्त प्रभार सौंपा था।श्रुति भारद्वाज इससे पूर्व भी लगभग दो वर्ष तक RCDF के प्रबंध निदेशक पद की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने सितंबर 2024 में RCDF के एमडी का पद संभाला था।

इस निर्णय के बाद राज्य के ब्यूरोक्रेसी गलियारों में खींचतान और चर्चा शुरू हो गई है। राज्य में अब तक केवल सांविधानिक पदों पर ही सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारियों को नियुक्त करने की परंपरा रही है। जिन अहम पदों पर स्थायी प्रशासनिक अधिकारी तैनात होते हैं, वहां सेवानिवृत्त अधिकारी को पुनः नियुक्त करने से एक नई परिपाटी की शुरुआत मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, इस नियुक्ति के लिए दिल्ली स्तर पर प्रभावी लॉबिंग की गई थी, जबकि राज्य के मौजूदा प्रशासनिक वर्ग का एक वर्ग इसके विरोध में था। इससे पहले विभिन्न डेयरी संगठनों की ओर से भी श्रुति भारद्वाज की पुनर्नियुक्ति को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं। विरोध और नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता के कारण यह आदेश अटका हुआ था, जिसे आखिरकार पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले जारी किया गया।

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