झालावाड़. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी नीतियों के कारण भारत के टूटने की आशंका बढ़ गई है. साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘देश में राजनीतिक तानाशाही हकीकत बन गई है.’ राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के साथ राजस्थान पहुंचे रमेश, बाली बोरड़ा में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे.
यात्रा के उद्देश्यों की बात करते हुए रमेश ने कहा, ‘‘सवाल उठाया जा रहा है कि भारत टूट नहीं रहा है तो कांग्रेस पार्टी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ क्यों निकाल रही है … तीन मुद्दे हैं, तीन चुनौतियां हैं … प्रधानमंत्री की नीयत और प्रधानमंत्री की नीतियों के कारण भारत के टूटने की आशंका बढ़ गई है. आर्थिक विषमताएँ बढ़ गई हैं. महंगाई, बेरोजगारी, जीएसटी, हम दो हमारे दो की नीतियां … विषमताएं बढ़ रही हैं. इससे हम कमजोर हो रहे हैं और भारत के टूटने की आशंका बढ़ी है .. खतरा है.’’
रमेश के अनुसार, ‘‘दूसरी चुनौती सामाजिक ध्रुवीकरण है. सामाजिक ध्रुवीकरण को जानबूझकर चुनावी फायदे के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है. धर्म के नाम पर, भाषा के नाम पर, जाति के नाम पर और प्रांत के नाम पर विभाजनकारी विचारधारा को प्रोत्साहित किया गया है. इससे भी भारत को खतरा है.’’ देश में राजनीतिक तानाशाही के हकीकत बनने की बात करते हुए कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज किया और कहा, ‘‘तीसरी बात है राजनीतिक तानाशाही हकीकत बन गई है. इस राजनीतिक तानाशाही का नतीजा है ‘वन नेशन वन मैन’. एक ही व्यक्ति को सारे राजनीतिक अधिकार. संविधान को नजरअंदाज किया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है. इन तीन खतरों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए यह यात्रा शुरू की गई है.’’
‘भारत जोड़ो यात्रा’ को सामूहिक प्रयास बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘भारत जोड़ो यात्रा किसी एक व्यक्ति की यात्रा नहीं है, यह एक सामूहिक प्रयास है… संगठन को मजबूत करने के लिए, भारतीय राजनीति को एक नई दिशा देने के लिए व हमारे देश के समक्ष आई चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए.’’ उन्होंने कहा कि इसका प्रत्यक्ष असर कांग्रेस संगठन पर हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव जिताओ यात्रा नहीं है … हम उम्मीद करते हैं कि इससे संगठन मजबूत व सक्रिय होगा और इसका फायदा हमें चुनाव में मिल सकता है.’’ रमेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अगले साल 26 जनवरी से 26 मार्च तक ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान शुरू करेगी. यह त्रिस्तरीय अभियान होगा जिसमें बूथ, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर से यात्रा निकाली जाएगी.
उन्होंने कहा कि यात्रा के साथ कई संस्थाएं चल रही हैं. ये वो संस्थाएं हैं जिन्होंने 2012 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे में हिस्सा लिया था. अब उन्हें यह अहसास हो गया है कि कांग्रेस के अलावा कोई विकल्प नहीं है. उन्होंने कहा, “यात्रा राहुल गांधी के लिए तपस्या है, लेकिन यह कई लोगों के लिए पश्चाताप है.” कांग्रेस पर देश को बांटने के भाजपा के आरोप पर रमेश ने कहा कि उन्हें इस तरह का आरोप लगाने का कोई हक नहीं. रमेश ने कहा, ‘‘इस विचारधारा की हमारे स्वतंत्रता संग्राम में कोई भूमिका नहीं रही. इस विचारधारा, इस पार्टी की हमारे संविधान को बनाने में कोई भूमिका नहीं रही. जिस विचारधारा ने 1942 में महात्मा गांधी के ‘भारत छोड़ो अभियान’ का सक्रिय, आक्रामक ढंग से विरोध किया, उसे क्या हक है ऐसी बातें करने का.’’
रमेश ने कहा, ‘‘मैं इसे गंभीरता से नहीं लेता और जैसा मैंने कहा आरएसएस एक विभाजनकारी विचारधारा है.’’ उन्होंने कहा कि भाजपा नारेबाजी करने, इवेंट मैनेजमेंट करने में माहिर है. उन्होंने कहा, ‘‘हमारे गणतंत्र का मूल सिद्धांत अनेकता में एकता है और इस यात्रा का मानना है कि न केवल अनेकता में एकता बल्कि अनेकता से एकता है. अगर आप अनेकता को दबाएंगे तो एकता खतरे में पड़ जाएगी. भाजपा एकरूपता चाहती है और हम एकता चाहते हैं. हम समानता व एकता चाहते हैं भाजपा आरएसएस और कांग्रेस में यही बुनियादी फर्क है.’’ रमेश ने कहा, ‘‘जो कह रहे हैं कि हम तोड़ रहे हैं यह बिलकुल गलत है. हमने कहां तोड़ा? हमने तो 1971 में पाकिस्तान को तोड़ा.’’ इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे.