Big News : मणिपुर के कालेनजांग में गोलीबारी, दो नागा नागरिकों की मौत, दो घायल

Author: Navabharat News Group
UPDATED: Sat, 26 Sep 2026 07:05 PM
Big News : मणिपुर के कालेनजांग में गोलीबारी, दो नागा नागरिकों की मौत, दो घायल

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नवभारत रिपोर्टर
इंफाल। सेनापति जिले के ताफौ कुकी के निकट कालेनजांग गांव में शनिवार दोपहर सशस्त्र हमलावरों की गोलीबारी में दो नागा नागरिकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जमीनी रिपोर्टों के अनुसार, घटना करीब दोपहर 3 बजे हुई। बताया गया है कि हमलावरों ने कालेनजांग के ग्राम प्रमुख के घर में मौजूद लोगों पर गोलीबारी की।

मृतकों की पहचान माओ थाना क्षेत्र के चोवाइनू गांव निवासी रॉकी और तुंगजॉय थाना क्षेत्र के लाई शिराफाई गांव निवासी कुमार के रूप में हुई है। दोनों सेनापति जिले के रहने वाले थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रॉकी माओ नागा समुदाय से, जबकि कुमार पौमई नागा समुदाय से थे।
गोलीबारी में घायल दो अन्य लोगों की पहचान और उनकी हालत की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की है। हालांकि, हमले के कारणों और हमलावरों की पहचान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय सूत्रों ने हमले के लिए कुकी उग्रवादियों को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने भी अभी तक हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कालेनजांग में यह हमला कामजोंग जिले के पिलोंग में चार तांगखुल नागा नागरिकों की हत्या के दो दिन बाद हुआ है। भारत-म्यांमार सीमा के निकट हुई उस घटना के बाद नागा नागरिक संगठनों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

कालेनजांग की घटना ऐसे समय हुई है जब यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने केंद्र और मणिपुर सरकार के साथ असम में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के बाद अपने आर्थिक नाकेबंदी को शाम 6 बजे से अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की।

यूएनसी की प्रमुख मांगों में कुकी सशस्त्र समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते को रद्द करना, उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को पद से हटाना और मई में अपहृत किए गए छह नागा युवकों की हत्या के मामले में न्याय सुनिश्चित करना शामिल है। संगठन ने अपहरण और हत्याओं में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंट (केएनएफ-पी) को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग भी की है।

यूएनसी और अन्य नागा संगठनों के अनुसार, 13 मई को लीलोन वैफेई गांव से छह नागा युवकों का अपहरण किया गया था, जिनके शव बाद में जून में बरामद किए गए। इन हत्याओं के मामले में न्याय की मांग यूएनसी के आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में रही है। कालेनजांग में हुई ताजा घटना ने पिलोंग हत्याकांड के बाद नागा नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता को और गहरा कर दिया है। यह घटना नागा-कुकी तनाव और यूएनसी की केंद्र तथा राज्य सरकार के साथ जारी बातचीत के बीच सामने आई है।

इस बीच, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह शनिवार को माओ क्षेत्र में थे। उन्होंने डॉन बॉस्को कॉलेज (ऑटोनॉमस), मराम के रजत जयंती समारोह में हिस्सा लिया। समारोह की थीम ‘हेरिटेज टू होराइजन्स’ थी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जुलाई में कालेनजांग गांव में दो घरों को भी अज्ञात उपद्रवियों ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया था। इससे गांव में पहले से मौजूद सुरक्षा संबंधी चिंताएं और बढ़ गई हैं। घटना में घायल लोगों की स्थिति, घटनास्थल से बरामद साक्ष्य और पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार है।

By Navabharat News Group