भाजपा ने जम्मू में रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों के बसने की सीबीआई जांच की मांग की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 09 Dec 2024 08:25 PM
भाजपा ने जम्मू में रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों के बसने की सीबीआई जांच की मांग की
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जम्मू. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जम्मू शहर में रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों के बसने को एक बड़ी ”राजनीतिक साजिश” करार देते हुए सोमवार को मांग की कि उन्हें मदद देने में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीबीआई जांच करायी जाए. भाजपा ने जम्मू में उन्हें पानी और बिजली कनेक्शन देने संबंधी टिप्पणी को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह उन्हें बचाने के लिए किया गया है क्योंकि वे एक खास समुदाय से हैं.

जम्मू-कश्मीर भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता सुनील सेठी ने यहां संवाददाताओं से कहा, “भाजपा उपराज्यपाल से सीबीआई जांच शुरू करने और इस साजिश की व्यापक जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह करेगी. यह पता लगाया जाना चाहिए कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों को लाकर जम्मू में किसने बसाया, और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने और जेल सहित कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.” सेठी ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों का बसना उसी समय शुरू हुआ जब 1990 के दशक में इस क्षेत्र में आतंकवाद शुरू हुआ था.

उन्होंने कहा, ”यह एक बड़ी साजिश है जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए. इसके पीछे सभी ताकतों को बेनकाब किया जाना चाहिए और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए. भाजपा उन लोगों की निंदा करती है जो धार्मिक आधार पर इन व्यक्तियों का समर्थन करते हैं.” उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने रोहिंग्याओं को बसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने इन संगठनों के लिए धन के स्रोतों पर सवाल उठाया.

सेठी ने सवाल किया, ”क्या धन घरेलू स्तर पर या विदेश से आया? भाजपा का मानना ??है कि जम्मू में रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को बसाना एक साजिश के तहत किया गया था, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब का इलाका है.” उन्होंने उन लोगों की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच की मांग की जिन्होंने इन लोगों को सरकारी जमीन पर बसाने में मदद की, उन्हें पानी और बिजली के कनेक्शन दिए और उन्हें आधार कार्ड बनवाने में मदद की.

उन्होंने कहा, “इन लोगों ने स्थानीय चुनावों में मतदान भी किए हैं. ये तथ्य अब सामने आ चुके हैं.” सेठी ने उनका समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ”विडंबना यह है कि ये वही लोग हैं जिन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का विरोध किया था और दावा किया था कि कोई भी भारतीय जम्मू-कश्मीर में नहीं बस सकता. फिर भी, उन्होंने जम्मू में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को बसाने में मदद की. भारत के अन्य हिस्सों में रहने वाले भारतीय जम्मू-कश्मीर में नहीं बस सकते, लेकिन इन अवैध प्रवासियों को केवल धर्म के आधार पर यहां बसने दिया गया.” सेठी ने आरोप लगाया कि ये लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब के इलाकों में बसे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि देश को पता होना चाहिए कि कौन सी ताकतें उसके हितों के खिलाफ काम कर रही हैं और राष्ट्रीय कल्याण पर राजनीतिक लाभ को प्राथमिकता दे रही हैं.

रोहिंग्या बस्तियों में पानी की आपूर्ति शुरू करने के नेकां मंत्री जावेद राणा के निर्देश के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए सेठी ने कहा, “मैं नेकां सरकार और उसके मंत्री जावेद राणा से जानना चाहता हूं कि क्या वे कानून का पालन करेंगे या फिर कानून उनके लिए मायने नहीं रखता. नियमों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में पानी या बिजली कनेक्शन प्राप्त करने के लिए आवासीय प्रमाण पत्र और भूमि पर कानूनी कब्जे की आवश्यकता होती है. क्या वे इस बारे में नहीं जानते हैं?” सरकारी आंकड़ों के अनुसार 13,700 से ज़्यादा विदेशी, जिनमें से अधिकतर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिक हैं, जम्मू और दूसरे ज.लिों में बसे हुए हैं. 2008 से 2016 के बीच उनकी आबादी में 6,000 की वृद्धि हुई है.

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