
पटना. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ने पर बुधवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा काराकाट सीट से राजग उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं.
बिहार भाजपा के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अरविंद शर्मा द्वारा जारी और पवन सिंह को संबोधित एक पत्र में कहा गया है, ”लोकसभा चुनाव में आप राजग के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं. आपका यह कार्य दल विरोधी है, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है तथा पार्टी अनुशासन के विरुद्ध आपने यह कार्य किया है.ह्व पत्र में कहा गया है, ह्लअत? आपको दल विरोधी इस कार्य के लिए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के आदेशानुसार पार्टी से निष्कासित किया जाता है.”
सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने एक पोस्ट में खुद की तुलना महाभारत के पात्र अभिमन्यु से करते हुए लिखा, ”कल भी, महाभारत में अभिमन्यु अकेला था . कृष्ण और पांडव के होते हुये चक्रव्यूह में घेरकर राक्षसों ने मारा था. आज भी रण में अभिमन्यु अकेला है लेकिन जनता उसके साथ है.” सिंह ने अपने कुछ अन्य पोस्ट में ”नए काराकाट के निर्माण” की बात की है और कुछ में ”वचन पत्र” (अपने वादों) का जिक्र किया है. काराकाट में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में एक जून को मतदान होना है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 मई को तीन रैलियां संबोधित करेंगे और इनमें से एक जनसभा काराकाट निर्वाचन क्षेत्र में प्रस्तावित है.
सिंह कई वर्षों से भाजपा के सदस्य थे. उन्होंने लगभग एक महीने पहले पश्चिम बंगाल के आसनसोल से पार्टी का टिकट ठुकरा दिया था. आसनसोल से वरिष्ठ अभिनेता और नेता शत्रुघ्न सिन्हा तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में फिर से चुनाव लड़ रहे हैं. सिन्हा का ताल्लुक भी बिहार से ही है.
ऐसा माना जाता है कि सिंह ने कथित तौर पर स्त्री द्वेषपूर्ण और बंगालियों को अपमानित करने वाले उनके कई गानों पर विवाद पैदा होने के बाद वहां से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था. ऐसी चर्चा थी कि पवन सिंह बिहार के आरा लोकसभा सीट से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने उनसे कहा था कि वह इस सीट से मौजूदा सांसद केंद्रीय मंत्री आरके सिंह का टिकट नहीं काटेगी.
पवन सिंह ने 10 अप्रैल को काराकाट से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी और नौ मई को इस निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया. काराकाट सीट से 14 मई को पवन सिंह की मां प्रतिमा देवी ने भी नामांकन दाखिल किया था, लेकिन उन्होंने बाद में अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया था. अटकलें लगाई जा रही थीं कि प्रतिमा देवी ने अपने बेटे के कहने पर नामांकन दाखिल किया था, क्योंकि पवन सिंह को अपना पर्चा खारिज होने का डर था.



