
लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को गर्व है कि उसकी सरकार को, जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का अवसर मिला. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर मोदी ने यहां लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया और यहां स्थापित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण कर पुष्पांजलि अर्पित की.
मोदी ने मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा, ”मुखर्जी ने देश को दिशा देने में निर्णायक भूमिका निभाई. ये डॉक्टर मुखर्जी ही थे जिन्होंने भारत में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान को खारिज कर दिया था.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”जम्मू- कश्मीर में यह व्यवस्था भारत के लिए चुनौती थी, भाजपा को यह गर्व है कि हमारी सरकार को अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का अवसर मिला. आज भारत का संविधान जम्मू कश्मीर में भी पूरी तरह लागू है.”
मोदी ने कहा, ”स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग मंत्री के रूप में मुखर्जी ने भारत में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी और देश को पहली औद्योगिक नीति देकर भारत में इसकी बुनियाद रखी.” उन्होंने जोर देकर कहा ”उप्र में देखिए, एक तरफ ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ का कितना बड़ा अभियान चल रहा है, छोटी छोटी इकाइयों का सामर्थ्य बढ. रहा है और दूसरी तरफ उप्र में बहुत बड़ा रक्षा गलियारा भी बन रहा है. ” मोदी ने कहा, ” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दुनिया ने जिस ब्रह्मोस मिसाइल का जलवा देखा, वह लखनऊ में बन रही है. वह दिन दूर नहीं, जब उप्र का रक्षा गलियारा रक्षा विनिर्माण के लिए जाना जाएगा.” उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा बनाई गई सुशासन की विरासत को अब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आजादी के बाद हर अच्छी उपलब्धि का श्रेय एक ही परिवार को देने की प्रवृत्ति कैसे विकसित हुई.” उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है, जिसने भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है. मोदी ने कहा कि दशकों पहले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने अंत्योदय का एक सपना देखा था क्योंकि वह मानते थे कि विकसित भारत का पैमाना अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के चेहरे की मुस्कान से मापा जाएगा.
कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ ने आंबेडकर की विरासत को मिटाने और पटेल का कद घटाने का प्रयास किया : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिवारवाद के मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राजनीतिक रूप से हमेशा ‘अछूत’ बनाये रखने वाली कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की विरासत को मिटाने और सरदार वल्लभभाई पटेल के कद को कमतर करने का भी प्रयास किया, लेकिन भाजपा ने उन्हें समुचित सम्मान दिलाया.
मोदी ने लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित किया और इस दौरान वह परिवारवाद के मुद्दे पर खासे मुखर रहे. उन्होंने कहा कि परिवारवाद की राजनीति असुरक्षा से भरी हुई होती है, इसलिए परिवारवादियों के लिए दूसरों की लकीर छोटी करना मजबूरी हो जाती है ताकि उनके परिवार का कद बड़ा दिखे और उनकी दुकान चलती रहे.
मोदी ने कहा, “प्रेरणा स्थल में लगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं हमें नई ऊर्जा से भर रही हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना है कि आजादी के बाद भारत में हुए हर अच्छे काम को कैसे एक ही परिवार से जोड़ने की प्रवृत्ति पनपी.” उन्होंने कांग्रेस और गांधी-नेहरू परिवार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, ”किताबें हों, सरकारी योजनाएं हों, सरकारी संस्थान हों, गली, सड़क, चौराहे हों, सब जगह एक ही परिवार का गौरव गान किया गया. एक ही परिवार के नाम, उनकी ही मूर्तियां, यही सब चला. भाजपा ने देश को एक परिवार की बंधक बनी इस पुरानी प्रवृत्ति से भी बाहर निकाला है. हमारी सरकार मां भारती की सेवा करने वाली हर अमर संतान, हर किसी के योगदान को सम्मान दे रही है.”
मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा, “यह कोई नहीं भूल सकता कि कैसे बाबा साहब आंबेडकर की विरासत को मिटाने का प्रयास हुआ. दिल्ली में कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ ने यह पाप किया. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी वालों ने भी यही दुस्साहस किया, लेकिन भाजपा ने बाबा साहब की विरासत को मिटने नहीं दिया. आज दिल्ली से लेकर लंदन तक बाबा साहब अंबेडकर के पंच तीर्थ उनकी विरासत का जय घोष कर रहे हैं.”
उन्होंने कांग्रेस पर सरदार वल्लभभाई पटेल का भी अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि आजादी के बाद पटेल के काम और कद, दोनों को कमतर करने का प्रयास किया गया, मगर यह भाजपा है जिसने सरदार साहब को वह मान सम्मान दिया जिसके वह हकदार थे. प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ. में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी संग्रहालय और उत्तर प्रदेश में महाराजा सुहेलदेव के स्मारक का भी जिक्र करते हुए कहा कि इनका निर्माण तभी हो सका जब इन राज्यों में भाजपा की सरकार बनी.
खेलों में 2014 से पहले की अनियमिततायें खत्म, अब गरीब भी शीर्ष पर पहुंच सकता है : प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि 2014 से पहले खेल विभाग में और टीम चयन में होने वाली अनियमिततायें अब खत्म हो गई है और गरीब परिवारों के बच्चे भी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर शीर्ष स्तर पर पहुंच रहे हैं. युवाओं में खेल संस्कृति और नेतृत्व क्षमता को बढावा देने के लिये आयोजित ‘सांसद खेल महोत्सव’ के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महोत्सव में शहरों से लेकर गांवों तक हर पृष्ठभूमि के लोगों की सहभागिता दिखाती है कि इसका दायरा और प्रभाव कितना बड़ा है .
उन्होंने कहा ,” यह महोत्सव युवा निर्माण से राष्ट्र निर्माण के मंत्र का मजबूत स्तंभ बना रहा है . सांसद खेल महोत्सव से देश को हजारों की संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिल रहे हैं . जीत और हार से इतर खेलों से जो खेल भावना सीखने को मिलती है, उसी से सक्षम और अनुशासित युवाओं का निर्माण होता है और ऐसे युवा ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं . यह महोत्सव समाज की सोच बदलने में भी अहम भूमिका निभा रहा है .” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ,” देश के दूर दराज इलाकों से कितने ही उदाहरण आ रहे हैं जो पूरे देश को प्रेरित करते हैं . कहीं कोई दिव्यांग खिलाड़ी चुनौतियों को छोटा बनाकर बुलंदियों को छू रहा है, कहीं किसी मैदान पर कोई बेटी अपने सपनों को पूरा करने में लगी है और सांसद खेल महोत्सव ऐसे खिलाडि़यों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दे रहा है .” उन्होंने कहा कि पहले खेलने पर बच्चों को डांटने वाले समाज में एक दशक के भीतर बदलाव इसलिये संभव हुआ क्योंकि अब माता पिता को अहसास हो गया है कि खेलने से जीवन बर्बाद नहीं होता बल्कि बच्चे खेलों में आगे बढकर अपने परिवार की ही नहीं बल्कि पूरे गांव और समाज की किस्मत बदल सकते हैं .
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ,” देश में अब ऐसा इकोसिस्टम बन गया है जहां खिलाडि़यों का चयन पहुंच या परिचय के आधार पर नहीं बल्कि प्रतिभा के आधार पर हो रहा है .” उन्होंने कहा ,”2014 से पहले खेल विभाग में , टीम चयन में और बुनियादी ढांचे में खेलों के नाम पर होने वाली गड़बड़ी बंद हो चुकी है . गरीब परिवारो के बच्चे भी कम उम्र में शिखर तक पहुंच सकते हैं . कल पंद्रह बीस साल के नौजवानों ने खेल के मैदान पर किसी ने 32 गेंद में शतक जमा दिया, किसी ने 40 गेंद में . यह है इनकी ताकत .” उन्होंने कहा ,” हम अपने युवाओं को खेलने के लिये ज्यादा से ज्यादा मंच दे रहे हैं . खेलो इंडिया के विविध खेलों और सांसद खेल महोत्सव से प्रतिभाओं की पहचान हो रही है . हमारे देश के टियर दो और तीन शहरों में भी विश्व स्तरीय खेल सुविधायें बन रही है .” उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश का खेल बजट 1200 करोड़ रूपये से भी कम था जो अब 3000 करोड़ रूपये से अधिक है . उन्होंने कहा कि टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम) योजना के जरिये खिलाडि़यों को हर महीने 25 से 50 हजार रूपये तक मदद मिल रही है .



