
रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं पर ”राज्य के लोगों को जाति और धर्म के नाम पर भड़काने” का आरोप लगाया. सोरेन ने दावा किया कि वर्तमान में राज्य में दिखाई देने वाले भाजपा नेता इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद दिखायी नहीं देंगे. सोरेन रांची में एक सरकारी समारोह को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने राज्य के करीब 1.77 लाख किसानों के 400 करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ किए. इससे पहले सरकार ने करीब 4.73 लाख किसानों के 50,000 रुपये तक के कृषि ऋण माफ किए थे.
सोरेन ने कहा, ”इससे पहले सरकार ने 50,000 रुपये तक के कृषि ऋण माफ किए थे. फिर, इसने 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ करने का फैसला किया.” उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर ”20 साल से अधिक समय से झारखंड के ‘जल, जंगल और जमीन’ को बर्बाद करने” का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता चुनाव नजदीक आने पर पूरे राज्य में ”घूम रहे हैं.” सोरेन ने कहा, ”चुनाव नजदीक आने पर वे (भाजपा नेता) पूरे झारखंड में घूम रहे हैं. कई चेहरे, जिन्हें आपने पहले नहीं देखा होगा, अब दिखाई दे रहे हैं. वे केवल एक बार दिखायी देंगे और उसके बाद वे गायब हो जाएंगे.”
उन्होंने आरोप लगाया, ”वे सांप्रदायिक तनाव फैला रहे हैं और जाति और धर्म के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं. उनसे सावधान रहें.” सोरेन ने आरोप लगाया कि ”केंद्र द्वारा तीन कृषि कानूनों के माध्यम से देश के किसानों को व्यापारियों को बेचने की तैयारी की गई थी.” उन्होंने कहा, ”किसानों ने करीब एक साल तक कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया और सरकार को इन्हें वापस लेने के लिए मजबूर किया.” केंद्र पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि उसके पास किसानों की आय दोगुनी करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन जब अपने ”पूंजीपति मित्रों” के कर्ज माफ करने की बात आयी तो पैसे की कोई कमी नहीं थी.
सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है और उनकी बुनियादी जरूरत रोटी, कपड़ा और मकान को पूरा किया है. उन्होंने कहा, ”हमने कृषि ऋण, बिजली बकाया माफ किया है और 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी है.” उन्होंने भाजपा पर दो साल तक उनकी सरकार को ”परेशान” करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ”जब वे अपने प्रयास में विफल रहे, तो उन्होंने मुझे झूठे आरोपों में सलाखों के पीछे डाल दिया.”



