भाजपा सांसद ने पूछा-क्या नक्सली/माओवादी कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा का हिस्सा हैं?

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 03 Oct 2022 07:51 PM
भाजपा सांसद ने पूछा-क्या नक्सली/माओवादी कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा का हिस्सा हैं?
ऑडियो सुनें

बेंगलुरु. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या ‘नक्सली/माओवादी और उनके समर्थक’ कर्नाटक में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का हिस्सा हैं. सिरोया ने राहुल और कर्नाटक में कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दरमैया से कुछ मुद्दों पर स्पष्टीकरण देने की मांग करते हुए दस सवाल पूछे हैं. उन्होंने सवाल किया है कि क्या कांग्रेस राज्य में ‘नक्सलियों/माओवादियों और उनके समर्थकों’ की गतिविधियों की केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग करेगी.

भाजपा सांसद ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘चूंकि, वे कर्नाटक में पदयात्रा कर रहे हैं, इसलिए क्या मैं श्री राहुल गांधी और श्री सिद्धारमैया से निम्नलिखित मुद्दों पर देश और राज्य को स्पष्टीकरण देने का अनुरोध कर सकता हूं. क्या वे इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि नक्सली/माओवादी और उनके समर्थक भारत जोड़ो यात्रा के कर्नाटक चरण का हिस्सा नहीं हैं? क्या ये लोग यात्रा की योजना में शामिल थे?’’

उन्होंने पूछा, ‘‘क्या वे पुष्टि कर सकते हैं कि हाल के वर्षों में कुछ कांग्रेसियों ने मीडिया प्रतिष्ठानों की स्थापना और संचालन के लिए रकम जुटाने में नक्सलियों/माओवादियों की मदद की है? क्या वे इन लोगों के धन के स्रोतों की जांच के लिए सहमत होंगे?’’ 30 सितंबर को चामराजनगर के गुंडलुपेट के रास्ते कर्नाटक में प्रवेश करने वाली भारत जोड़ो यात्रा सोमवार को मैसुरु पहुंच गई.

सिरोया ने कर्नाटक में 2013 से 2018 के बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के कामकाज पर ‘संदेह’ जताते हुए सिद्दरमैया से उस अ­वधि में नक्सलियों के खिलाफ उनकी सरकार की नीति के बारे में बताने को कहा. उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या वे इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार ने जानबूझकर इस बात को नजरअंदाज किया कि नक्सली/माओवादी अपने अभियान को मजबूत करने के लिए एक प्रसिद्ध पत्रकार की मौत का फायदा उठा रहे हैं?

क्या सिद्धारमैया के दोस्तों ने पत्रकार की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने के लिए नक्सलियों/माओवादियों को आर्थिक और रसद सहायता दी?’’ सिरोया जिस पत्रकार का जिक्र कर रहे हैं, वह संभवत: गौरी लंकेश हैं, जिनकी पांच सितंबर 2017 को बेंगलुरु के राजेश्वरी नगर स्थित उनके आवास के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

भाजपा सांसद ने पूछा, ‘‘सिद्दरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार क्या पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की तरह ही नक्सलियों/माओवादियों के प्रति भी सहानुभूति रखती थी? उनके कार्यकाल में कुछ भूमिगत तत्व क्यों खुलकर सामने आए? हाल ही में जब पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई की गई तो सिद्दरमैया ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, क्या उन्होंने कभी नक्सलियों/माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है?’’ केंद्र सरकार ने वैश्विक आतंकवादी संगठनों से संबंध के आरोप में पीएफआई पर हाल ही में पांच साल का प्रतिबंध लगाया है.

सिरोया ने सवाल किया कि क्यों सिद्दरमैया पहले एक चीनी संगठन के उस कार्यक्रम में शामिल होने को तैयार हो गए थे, जिसका मकसद ताइवान में अमेरिका के ‘हस्तक्षेप’ के प्रति विरोध जताना था, लेकिन बाद में इस मुद्दे के तूल पकड़ने पर उन्होंने अचानक अपनी योजना बदल ली?

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu